फर्रुखाबाद। हरदोई जा रही एक रोडवेज बस के परिचालक ने बीमार यात्री पर पूरा किराया न होने पर रुपये के बदले मोबाइल फोन ले लिया। किराये के बकाया रुपये की व्यवस्था करके बीमार दंपती बस अड्डा पहुंचे। बस अड्डा व्यवस्था प्रभारी को दुखड़ा सुनाया। संबंधित परिचालक से संपर्क कर सोमवार को मोबाइल दिलाने का भरोसा दिया। मोबाइल की खातिर दंपती रविवार की रात पांचाल घाट आश्रम पर गुजारेगा।
हरदोई के थाना बेहटा गोकुल के गांव मानपुर पहलिया निवासी सुशील कुमार 30 अक्तूबर को गंगा स्नान करने आए थे। यहां तबीयत खराब होने पर किराये के रुपये से दवाई ले ली। उसके पास 20 रुपये ही बचे थे। घर जाने के लिए वह हरदोई जा रही रोडवेज बस में सवार हो गया। परिचालक से रुपये न होने की बात कही। इस पर परिचालक ने टिकट के बदले मोबाइल जमा करने की शर्त रखी।
सुशील ने परिचालक को अपना मोबाइल दे दिया। इसके बाद सुशील कुमार हरदोई पहुंच गए। घर पर पत्नी भी बीमार थीं, लिहाजा वह नहीं आ सके। रुपये की व्यवस्था करके सुशील पत्नी पूजा के साथ रविवार दोपहर बस अड्डा पहुंचे। वहां मौजूद बस अड्डा व्यवस्था प्रभारी जितेंद्र सिंह से संपर्क किया। अशोक ने टिकट भी उपलब्ध करवा दी। इस पर जितेंद्र सिंह ने टिकट पर अंकित बस नंबर के आधार पर परिचालक का पता लगाया।
बताया गया कि 30 अक्तूबर को बस पर दयाशंकर परिचालक गया था। परिचालक के मोबाइल पर संपर्क कर सोमवार को हर हाल में मोबाइल वापस करने की हिदायत दी गई। यात्री ने बताया कि वह पत्नी के साथ आज की रात पांचाल घाट आश्रम पर गुजारेगा। बस अड्डा प्रभारी ने बताया कि कल यात्री का मोबाइल सौंप दिया जाएगा।