फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के जखा स्थित राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह में शनिवार रात फंदा लगाने वाले बाल अपचारी की सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के बाद हालत में सुधार हुआ है। डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी, एसपी आरती सिंह ने संप्रेक्षण गृह पहुंचकर जांच की। उन्हें सब कुछ ठीकठाक मिला। सूचना पर किशोर के परिजन भी पहुंच गए हैं।
मैनपुरी में हुई चोरी के मामले में पकड़े गए दो किशोरों को स्थानीय संप्रेक्षण गृह में लाया गया था। इनमें से एक की चार दिन पहले जमानत हो गई थी। इसके बाद से यहां बंद 16 साल का किशोर परेशान रहने लगा था। बताते हैं कि इसी के चलते शनिवार रात आठ बजे के करीब बाथरूम में जाकर फंदा लगा लिया था। कुछ साथी अपचारियों ने लटका देख शोर किया तो उसे गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल लाया गया था। यहां से आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई रेफर किया गया। वहां इलाज के बाद हालत में सुधार बताया जा रहा है।
मामले की गंभीरता देख डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी और एसपी ने रविवार को संप्रेक्षण गृह का जायजा लिया। एसपी आरती सिंह ने बताया कि वहां फिलहाल सब कुछ ठीकठाक मिला है। किशोर की हालत में सुधार है। परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्र ने बताया कि नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेजेंगे।
लोहिया अस्पताल से नहीं भेजी पुलिस सूचना
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी कर्मियों ने शनिवार रात लापरवाही बरती। आमतौर पर जिला जेल, सेंट्रल जेल समेत किसी भी तरह के आकस्मिक घटनाओं के मरीज आते हैं तो अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस सूचना हर हाल में भेजी जाती है लेकिन इमरजेंसी से पुलिस सूचना नहीं भेजी गई। यही वजह रही कि फतेहगढ़ थाना पुलिस को भी इतनी बड़ी घटना की समय से जानकारी नहीं हो सकी। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना भेजनी चाहिए थी। यदि ऐसा है तो वह जांच करवाएंगे।