शमशाबाद में ढाईघाट पर बसने लगी तंबुओं की नगरी।
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गंगा तट ढाईघाट पर शुक्रवार से लगे कार्तिक मेले में बिक्री के लिए पशुओं का आना शुरू हो गया है। 500 व 1000 रुपये के नोट बंद होने के कारण पशु मेला फीका पड़ गया है। लोग खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। मेला 17 नवंबर तक लगेगा।
ढाईघाट पर लगे मेले में पशुओं को बेचने के लिए दूर दराज से लोग पशुओं को लेकर आए है। मेले में सुरक्षा की दृष्टि से जिला पंचायत की ओर से तीन वॉच टॉवर और घाट किनारे बेरीकेेडिंग कराई गई है लेकिन गंगा के अंदर गहराई के नाम पर बेरिकेडिंग नहीं कराई गई।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिला महासचिव संजीव गंगवार ने पानी के अंदर बेरीकेडिंग कराने की जिला प्रशासन से मांग की है। जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी उज्जवल अंब्रेश ने बताया कि 10 गोताखोर और 4 नावों का इंतजाम किया गया है।
इस मेले मेें दूर दराज से पशु बिक्री के लिए लाए है। मेले आए रामकिशन ने बताया कि उनके पास हजार, पांच सौ के नोट हैं लेकिन इन नोटों के न चलनेे से वह पशु खरीद नहीं पा रहे हैं। इसी तरह कई अन्य लोग भी पशु खरीदने पहुंचे पर 500 व 1000 रुपये का नोट बंद होने के कारण वह पशुओं को खरीदे बिना लौट कर चले गए।