गंगा में आई बाढ़ से घिरे गांव में आई बरात में दूल्हा ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचा। बरातियों को सड़क पर ही नाश्ता कराया गया। इसके बाद बराती वापस कर दिए गए। दूल्हा को रोककर निकाह की रस्में पूरी की गईं। उसके बाद ट्रैक्टर से ही दूल्हा और दुल्हन की विदा की गई।
थाना क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण निवासी नसीमा की पुत्री हरफिमा की निकाह की तिथि कई माह पहले से तय थी। मंगलवार को बारात जिला शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर के गांव इस्लामनगर निवासी बाबू अपने पुत्र सोहेब की बरात लेकर पहुंचे। पता चला कि शमसाबाद-जरियनपुर मार्ग से गांव को जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी भरा है।
दुल्हन के घर वाले पहले से ही मुख्यमार्ग पर रुके थे। यहां बरातियों का स्वागत सत्कार के लिए नाश्ता व खाना की व्यवस्था की गई। दूल्हा सोहेब को ट्रैक्टर पर बैठाकर गांव तक ले जाया गया। बाढ़ की मजबूरी बताकर बरात को सड़क से ही वापस कर दिया गया।
दूल्हे के साथ काजी ने निकाह की रस्में पूरी की। ट्रैक्टर से ही दूल्हा और दुल्हन की विदा कर दी। ग्राम प्रधान जुबैर ने बताया कि चारों तरफ से गांव पानी से घिर गया है। शमशाबाद से गांव तक जाने के लिए करीब तीन घंटे का समय लग रहा है। बरातियों का गांव ज्यादा दूर नहीं है। फिर भी काफी दिक्कत हुई।