फर्रुखाबाद। रंजिश में 27 वर्ष पहले मां-बेटे पर जानलेवा हमले में एडीजे प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने चार लोगों को दोषी करार किया है। तीन आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। कोर्ट आज दोषियों को सजा सुनाएगी।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव मसेनी मजरा टीकावारी निवासी राजेश्वर प्रसाद ने पड़ोसी श्याम सिंह, पुत्तूलाल, निर्बल, अतर सिंह, दयाल, लाल सहाय, रूपलाल के खिलाफ 11 जुलाई 1996 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि घटना के दिन मां वैष्णो देवी के साथ छत पर सो रहा था। रंजिश में इन लोगों ने लाठी-डंडों व असलहों से हमला कर दिया।
गोली लगने से राजेश्वर प्रसाद व मां वैष्णो देवी घायल हो गए थे। विवेचक ने छानबीन के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी पुत्तूलाल, निर्बल, लालसहाय की मौत हो गई। सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर मंगलवार को आरोपी श्याम सिंह, अतर सिंह, दयाल व रूपलाल को दोषी करार किया है। बुधवार को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।