बीईओ ने नहीं दर्ज कराई 22 बर्खास्त शिक्षकों पर रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। डा. भीमराब आंबेडकर विश्वविद्यालय की वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री से जिले में नौकरी करने वाले 51 शिक्षकों में से 22 की डिग्री उच्च न्यायालय ने फर्जी घोषित कर दी है। इनको बर्खास्त करने के बाद बीएसए ने संबंधित बीईओ को तीन दिन में एफआईआर दर्ज कराने के गुरुवार को आदेश दिए थे।
समय सीमा गुजर जाने के बाद भी बीईओ ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। इस पर बीएसए लालजी यादव ने बीईओ को नोटिस जारी कर एफआईआर दर्ज न कराने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
फर्जी डिग्री से शिक्षकों के नौकरी करने के मामले में उच्च न्यायालय के आदेश पर एसआईटी ने जांच की थी। अक्तूबर 2019 में 51 शिक्षक फर्जी डिग्री से नौकरी करने के दोषी पाए गए। इन सभी को तत्कालीन बीएसए ने बर्खास्त कर दिया था। ये सभी हाईकोर्ट से स्टे ले आए और दोबारा नौकरी करने लगे।
एसआईटी ने डा. भीमराब आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की 2823 डिग्री फर्जी होने का साक्ष्य पेश किए। उच्च न्यायालय ने इन सभी शिक्षकों की डिग्री फर्जी घोषित की। इसमें जिले के 51 में से 22 शिक्षकों के नाम शामिल थे। बीएसए लालजी यादव ने गुुुरुवार को तत्कालीन बीएसए द्वारा 22 शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने के आदेश को बहाल कर दिया।
जिस ब्लाक क्षेत्र में शिक्षक तैनात हैं वहां के बीईओ को तीन दिन में एफआईआर दर्ज कराने व इसकी जानकारी देने के आदेश दिए थे। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी किसी बीईओ ने बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर रिपोर्ट नहीं दी है। इस पर बीएसए ने सभी संबंधित बीईओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।