भाजपा में अन्य दलों के नेताआें सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। पार्टी में शामिल
होने से पहले प्रदेश अध्यक्ष की अनुमति लेना जरूरी होगी। इससे भाजपा में
जाने की मंशा रखने वाले दूसरे दलों के नेताआें को झटका लगा है। भाजपा
सदस्यता अभियान चलाकर लोगों को पार्टी में जोड़ने के लिए मशगूल है।
इसके
लिए विधानसभा वार कैंप चलाए जा रहे हैं। कैंपों की जिम्मेदारी संगठन के
पदाधिकारियों के साथ प्रवासी लोगों को भी सौंपी गई है। प्रत्येक कार्यकर्ता
को न्यूनतम 100 लोगों को जोड़ने की कवायद भी चल रही है। चार राज्यों में
मिली जीत से उत्साहित भाजपा अपना जनाधार बढ़ाने के लिए प्रदेश में भी
सक्रिय है। पार्टी के बढ़ते जनाधार को देखते हुए पार्टी में ऐसे लोग शामिल न
हो जाएं,
जिससे भाजपा की किरकिरी हो। इसलिए प्रदेश इकाई ने फूंक-फूंककर
कदम रखना शुरू कर दिया है। इस बावत पार्टी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत
वाजपेयी ने गैर दलों के लोगों को भाजपा में सीधे शामिल होने पर जिला स्तर
पर रोक लगा दी है। जिला मीडिया प्रभारी दिलीप भारद्वाज ने बताया कि इस आशय
का पत्र प्राप्त हो चुका है कि अब सांसद, विधायक या संगठन के अन्य
पदाधिकारी
किसी भी अन्य दल के लोगों को पार्टी में सीधे शामिल नहीं करा
पाएंगे। इसके लिए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष से स्वीकृति लेनी होगी। प्रदेश
इकाई से स्वीकृति मिलने के बाद ही अन्य दलों के लोग भाजपा में शामिल हो
सकेंगे। उन्होंने बताया कि मोबाइल सदस्यता अभियान चलता रहेगा।