मेला रामनगरिया के दौरान 23 दिन तक वस्त्र छपाई उद्योग में गीला (रंगाई व
धुलाई) का काम नहीं होगा। इससे 4 से 5 हजार मजदूरों के सामने रोजगार की
दिक्कत होगी। इस दौरान कारोबार को 10 से 15 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना
पड़ेगा। माघ मेलाें के मद्देनजर इकाइयाें को बंद करने का फरमान जारी हुआ
है।
शहर में टेक्सटाइल प्रिंटिंग की 91 इकाइयां हैं। इनमें से 27 में
ही ईटीपी (जल शुद्धीकरण प्लांट) लगा है। 64 ने हाकिमों की हिदायत के बाद भी
ईटीपी नहीं लगवाया है। यह इकाइयां रोक के बाद भी गीला काम कर रही हैं।
पांच जनवरी से मेला राम नगरिया पांचाल घाट पर शुरू हो रहा है।
ऐेसे में
इकाइयाें से निकलने वाला रंगीन व रासायनिक पानी गंगा में जाने से रोका
जाएगा। इसके लिए सारी इकाइयों को मेले के दौरान गीला काम बंद करने की
हिदायत दी गई है। जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति को इसकी निगरानी का जिम्मा
दिया गया है।
2 जनवरी से 14 फरवरी के बीच 23 दिन इकाइयाें में कपड़ों
की रंगाई व धुलाई का काम बंद रखा जाएगा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के
चेप्टर चेयरमैन रोहित गोयल का कहना है कि इस बीच काम बंदी से 10 से 15
करोड़ रुपये का नुकसान होगा। मजदूराें को काम की समस्या होगी।
इन तारीखाें में बंद रहेगा काम
3 से 5 जनवरी, 11 से 14 जनवरी, 17 से 20 जनवरी, 21 से 24 जनवरी, 31 जनवरी, 1 से 3 फरवरी व 11 से 14 फरवरी ।
नहीं काटे गए बिजली कनेक्शन
नवंबर
में बिजली विभाग को बिना ईटीपी के चल रही इकाइयाें के बिजली कनेक्शन
काटने के निर्देश डीएम एनकेएस चौहान ने दिए थे। इस पर अमल नहीं हुआ। दिसंबर
में भी विभागीय अधिकारियाें को बिजली क नेक्शन काटने के लिए हिदायत दी गई।
इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।
बिना ईटीपी वाली इकाइयों को बंद करने के लिए
कहा जा चुका है। बिजली कनेक्शन न कटने से काम चल रहा है। अपुष्ट सूत्रों
की मानें तो कारोबारियाें ने इन्हें कनेक्शन न काटने के लिए समझ लिया है।
इसी से डीएम व एडीएम के फरमान को ठेंगा दिखा दिया गया है।