टेक्सटाइल पार्क क ा रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई स्कूटनी कमेटी क ी बैठक में दो प्रस्तावों को मंजूरी मिली, इनमें एक प्रस्ताव सूरत व दूसरा फर्रुखाबाद का है। केंद्र सरकार ने पार्क केे लिए 40 करोड़ रु पये स्वीकृत कर दिए हैं
प्रदेश सरकार एक साल पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी है। यह पार्क सकवाई में 35 एकड़ जमीन पर बनेगा। अभी शहर में वस्त्र छपाई क ारोबार 500 करोड़ सालाना का है। 12 मुल्काें में यहां के छपे वस्त्र आइटम निर्यात होते हैं।
टेक्सटाइल पार्क के लिए कारोबारी 2008 से मांग कर रहे थे। फरवरी 2015 में सूबे की सरकार ने कैबिनेट में पार्क को मंजूरी दे दी थी, यहां से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट केेंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय को भेज दी गई। मंत्रालय ने रिवाइज रिपोर्ट मांग ली।
शुक्रवार को मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल की स्कूटनी कमेटी की बैठक हुई, जिसमें 10 प्रस्ताव रखे गए, इनमें फर्रुखाबाद व सूरत के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। केंद्र सरकार ने 40 करोड़ रुपये भी स्वीकृत कर दिए हैं।
यह प्रोजक्ट 120 करोड़ रुपये का है। 40 करोड़ रुपये 50 उद्यमी जुटाएंगे। 40 करोड़ रुपये बैंक से लोन लिया जाएगा।
शहर में छोटी बड़ी 125 वस्त्र छपाई इकाइयां हैं, इनमें से 40 फीसदी निर्यात करती हैं, यहां से साड़ी, स्टोल, हैंडमेड रजाइयां, दुपट्टा, सूट व परदे 12 मुल्कों को निर्यात होते हैं। 500 करोड़ के सालाना कारोबार में से 60 फीसदी निर्यात का हिस्सा है।
कोट- वस्त्र छपाई कारोबारियाें ने बड़ी लड़ाई जीत ली है। केंद्र सरकार ने प्रस्ताव के साथ ही 40 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। पार्क बनने से 500 करोड़ सालाना का कारोबार पांच साल में 5000 करोड़ रुपये पहुंचने की उम्मीद है। - रोहित गोयल, चेप्टर चेयरमैन ,इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।