फर्रुखाबाद। 32 वर्ष पहले ग्रामीण के पुत्र के अपहरण में चार दोषियों को कोर्ट में दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव अताईपुर निवासी छोटेलाल का बीस वर्षीय पुत्र डब्बू उर्फ सुभाषचंद्र 9 अक्तूबर 1991 की रात को गांव के दोस्त लक्ष्मी, अरविंद, रघुवीर, पन्नालाल के साथ राम बरात देखने गया था। ये लोग जब वकील साहब के बाग के पास पहुंचे तभी पांच बदमाशों ने सभी को घेर लिया। हथियारों के बल पर पुत्र का अपहरण कर लिया और उसके दोस्तों को शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर चले गए।
छोटेलाल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने अपहत डब्बू उर्फ सुभाष चंद्र को खोजकर कंपिल थाना क्षेत्र के गांव गंगपुर निवासी साधू, गांव बौरा निवासी इंद्रपाल, कायमगंज कोतवाली गांव गऊटोला निवासी फैय्याज, अय्याज महोम्मद, कोठी नगला निवासी सर्वेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सर्वेश की मौत हो गई।
बुधवार को एंटी डकैती न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने साधु, फैय्याज, अय्याज मोहम्मद, इंद्रपाल को गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देकर दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। चारों दोषियों को 56000-56000 रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर सभी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जुर्माना की आधी धनराशि अपहत डब्बू उर्फ सुभाषचंद्र को भुगतान करने के आदेश दिए।