बिजली विभाग का अजब-गजब खेल है। दस माह से खराब पड़ा मीटर बदले बिना साढे़
चार लाख रुपये की बकाएदारी दिखाकर प्रधान डाकघर का कनेक्शन काट दिया गया।
इस कारण डाकघर का कार्य ठप रहा। कनेक्शन काटने और लाखों में बिल जारी होने
से बिजली कर्मचारियों की पोल खुल गई है। डाक विभाग के अफसरों ने एक्सईएन से
संपर्क कर मीटर बदलवाने और बिल सही कराने की मांग की है।
बिजली विभाग
ने शुक्रवार को लगभग साढ़े चार लाख रुपये की बकाएदारी में फतेहगढ़ के
प्रधान डाकघर का कनेक्शन काट दिया था। इस कारण शनिवार को विभागीय कार्य ठप
रहा। विभाग के अधिकारी ने एक्सईएन शहरी से कनेक्शन जुड़वाने के लिए मुलाकात
कर कहा कि फरवरी 2014 तक जो भी बिल आए थे उनका भुगतान चेक से कर दिया
गया।
इसका प्रमाण भी दिखाया था। मार्च में मीटर खराब हो गया। इस पर
विभागीय पत्र बिजली विभाग में लगातार भेजे गए। बावजूद इसके अब तक खराब
मीटर नहीं बदला गया। साढ़े चार लाख रुपये का बकाया दिखाकर कनेक्शन काट दिया
गया। जो बिल भेजा गया वह गलत है।
सरकारी विभागाें के खराब मीटर बदलने
में बिजली विभाग के कर्मचारी लापरवाही बरतते हैं। डाकघर के काटे गए
कनेक्शन से इसका अंदाज लगाया जा सकता है। अगर समय से हर माह बिजली का बिल
विभागों को मिलता रहे तो इनका भुगतान भी होता रहता है। बिल न मिलने के
कारण भुगतान लटक जाता है। एक्सईएन शहरी सुरेश कुमार ने बताया कि मीटर विभाग
को नया मीटर लगवाने को लिखा गया है। प्रधान डाकघर का बिल भी सही कराने के
बाद नया जारी किया जाएगा।