जिले की तहसीलों में लेखपालों की हड़ताल से राजस्व कार्यों के निस्तारण पर
ब्रेक लग गया है। तीसरे दिन बुधवार को भी विभागीय दफ्तरों में ताले पड़े
रहे। शहरी व ग्रामीण अंचलों से आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। कायमगंज के
लेखपाल के साथ मारपीट की घटना के विरोध में लेखपाल संघ काफी आक्रोशित है और
कलम बंद हड़ताल किए है। लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति, सामान्य निवास
प्रमाण पत्र, खतौनी, कानूनगो, रजिस्ट्रार कानूनगो और स्वान कक्ष आदि
विभागीय दफ्तरों
में ताले लटके हैं। राजस्व कार्य निस्तारण ठप हो गया है।
बुधवार को भी सुबह से ही लेखपालों ने धरना शुरू कर दिया। यहां आयोजित सभा
में जिलाध्यक्ष सैदमीर खां ने कहा कि साथी लेखपाल को हमलावरों ने इतना मारा
कि वह मरणासन्न अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। इसके बावजूद हमलावरों को
गिरफ्तार नहीं किया गया। ऐसे में संघ का दायित्व है कि पीड़ित को न्याय
दिलाया जाए। साथियों का सहयोग बना रहा तो आरोपियों को सजा दिलाकर रहेंगे।
जिला मंत्री शिव कुमार
शाक्य ने कहा कि जारी आंदोलन मान सम्मान से जुड़ा
है। हमलावर वकीलों की गिरफ्तारी तक हड़ताल जारी रहेगी। तहसील अध्यक्ष बलवीर
सिंह ने कहा कि कड़ी मशक्कत कर राजस्व कार्यों का निस्तारण करने वाले
लेखपाल अपना सम्मान पाने के लिए एकजुट रहें और अनुशासन बनाए रखें। इस अवसर
पर जगदीप सिंह, रामेंद्र पाल, आबिद खां, श्यामबाबू, जाहर सिंह, रोशनलाल,
रामलखन, अजीत दुबे, अशोक त्रिपाठी, प्रमोद शुक्ला, चंद्रकांत, रविकांत,
जाकिर हुसैन, हरमुख सिंह, विजय पाल, अवनीश कुमार, शैलेंद्र सिंह, विवेक
पांडेय, संजय सिंह और सोबरन सिंह आदि मौजूद रहे।
कर्मचारी संघ ने दिया अल्टीमेटम
जिला लेखपाल संघ के आंदोलन के समर्थन में संग्रह अमीन संघ के साथ संयुक्त
राज्य कर्मचारी संघ भी उतर गया है। बुधवार को प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत
कर्मचारी संघ का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिलने गया और लेखपाल संघ के
समर्थन में ज्ञापन सौंपा। संघ के अध्यक्ष अखिलेश अग्निहोत्री और पंकज
शुक्ला ने कहा कि लेखपालों की मांग जायज है।
लेखपाल पर प्राणघातक हमला करने
वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर दो दिन में मांग
पूरी न हुई तो कर्मचारी संघ हड़ताल कर रणनीति बनाकर जिले की सेवाएं ठप कर
देंगे। प्रतिनिधि मंडल में शिवकुमार और सैदमीर खां आदि मौजूद रहे।