फर्रुखाबाद/अमृतपुर। चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद आयोजित पहले तहसील दिवस में विभागीय अधिकारियों पर चुनाव की खुमारी दिखाई दी। सदर तहसील में करीब तीन दर्जन विभागों के सापेक्ष एक दर्जन विभागों के ही अधिकारी आए। फरियादियों की समस्या न के बराबर रही।
मात्र 9 फरियादियों ने ही प्रार्थना पत्र दिए। यही हाल अमृतपुर तहसील में रहा। यहां भी पांच फरियादी ही आए। तहसील दिवस में भाग न लेने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर और एसडीएम अमृतपुर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
दो माह चली आचार संहिता के बाद मंगलवार को एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में पहला तहसील दिवस आयोजित किया गया। तहसीलदार आरपी चौधरी के अलावा पीओ डूडा अतुल यादव, ईओ पीके श्रीवास्तव समेत सिर्फ एक दर्जन अफसर ही नजर आए। फरियादियों की संख्या में न के बराबर थी।
इक्का-दुक्का फरियादी ही रुक-रुककर प्रार्थना पत्र लेकर आए। थानों से एक सिपाही तक तहसील दिवस में भाग लेने नहीं पहुंचा। नौ फरियादी ही अपनी फरियाद लेकर आए। इन्हें भी मौके पर न्याय नहीं मिल सका। अफसरों को न देख एसडीएम ने कहा कि अनुपस्थित रहे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार, उप जिलाधिकारी हवलदार सिंह की अध्यक्षता में तहसील दिवस शुरू हुआ। तहसील में सबासी निवासी रामकुमार ने भूमि पर दबंगों से कब्जा हटाए जाने की मांग की।
तुषौर के राजेश कुमार ने अग्निपीड़ितों को मुआवजा दिलवाए जाने की फरियाद लगाई। दौलतपुर चकई के ताज मोहम्मद ने प्राइमरी स्कूल से कब्जा हटाने की मांग की। मात्र पांच प्रार्थना पत्र आए।
किसी भी प्रार्थना पत्र का निस्तारण नहीं हो सका। तहसील दिवस में अधिकतर विभागों के अफसर नदारद रहे। इस पर एसडीएम ने गैरहाजिर लोगों का एक दिन का वेतन काटे जाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।