कायमगंज। शिक्षा और जागरूकता के अभाव में घनी आबादी वाले मोहल्लों व तंबाकू की गोदामों में काम करने वाले मजदूर टीबी रोग की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। तंबाकू का सेवन करने तथा हवा में उड़ने वाली गंध से फेफड़े संक्रमित कर रही है।
चिकित्सक बताते हैं कि तंबाकू का सेवन करना ही कैंसर और टीबी को बढ़ावा देता है। कारखानों में काम करने वाले श्रमिक तो पूरे समय वहां रहते हैं। उनके फेफड़ों में संक्रमण तेजी से बढ़ता है। पिछले वर्षों में ग्रामीण इलाके में ज्यादा रोगी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रहा है।
अभियान के तहत ग्रामीण इलाके में मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। क्षय रोग उन्मूलन के तहत 22 मार्च से शहर व ग्रामीण इलाके में घर-घर मरीजों को खोजने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान चलाया है।
विभाग ने ब्लॉक क्षेत्र में 24 टीमों का गठन किया गया है। इसमें एक टीम के साथ एक सुपरवाइजर साथ आशा, एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है। टीम रोजाना घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। संदिग्ध होने पर जांच के लिए उनके बलगम का नमूना व एक्सरे कराया जा रहा है।
टीम को रोजाना चार से पांच मरीज मिल रहे हैं। दिन भर में छह से सात हजार तक लोगों की स्क्रीनिंग हो रही है। कायमगंज सीएचसी पर 2022-23 के 224 मरीजों का इलाज पहले से चल रहा है। अभियान के पहले दिन टीम ने 7338 मरीजों की स्क्रीनिग की गई। इसमें 30 लोगों के नमूने लिए गए। जांच के बाद दो मरीज मिले हैं।
मंगलवार तक टीम ने 32,994 लोगों की स्क्रीनिग की। इनमें 172 के नमूने लिए गए। जांच के बाद 12 लोग टीवी रोग से संक्रमित पाए गए। सभी मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है। सीएचसी में क्षय रोग विभाग सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सुरजीत कुमार ने बताया 2025 तक टीवी खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र तंबाकू के कारोबार से जुड़ा है। ग्रामीण इलाके के तमाम लोग गोदामों में मजदूरी करते हैं।तंबाकू के सेवन या उसकी धूल से टीवी का खतरा रहता है। इससे अब तक हुई स्क्रीनिंग में ग्रामीण इलाके में मरीज ज्यादा मिले हैं। अभियान 4 मार्च तक चलेगा।