फर्रुखाबाद। हाईटेंशन लाइन पर बुधवार को फाल्ट ठीक करने के दौरान करंट की चपेट में आने से लाइनमैन झुलस गया। साथी कर्मचारियों ने गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का आक्रोश देख जेई ने अस्पताल में इलाज के लिए रुपये जमा किए।
शहर से सटे गांव अमेठी जदीद निवासी सलीम (40) न्यू भोलेपुर उपकेंद्र पर संविदा पर लाइनमैन है। मिल्क डेयरी फीडर मंगलवार रात में ब्रेकडाउन होने से बुधवार सुबह उसने साथी लाइनमैन गोविंद व शाकिब के साथ पेट्रोलिंग की। साथी कर्मी की सूचना पर सलीम करीब 8:30 बजे लिंजीगंज में रखे ट्रांसफार्मर पर हाईटेंशन लाइन का जंपर ठीक करने पहुंचा। वह ट्रांसफार्मर पर चढ़ा था, अचानक आए करंट से वह चिपक गया।
आसपास लोगों ने काफी प्रयास के बाद उसे छुड़ाया। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। सूचना पर लाइनमैन की पत्नी शबनाज, उसके बच्चे और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। घटना के करीब दो घंटे बाद तक कोई विभागीय अधिकारी न पहुंचने से आक्रोश फैल गया।
साथी लाइनमैन शान ने बताया कि उन्होंने बाद में मौके पर देखा तो हाईटेंशन लाइन का जंपर सही था। फिर भी किसी साजिश के तहत झूठी सूचना देकर काम शुरू कराया और लाइन चालू कर दी।
लाइनमैन के परिजनों में बढ़ते आक्रोश की सूचना पर करीब 11 बजे जेई राकेश प्रजापति पहुंचे। परिजनों को बेहतर इलाज कराने का भरोसा दिया। सलीम के साले यूसुफ ने बताया कि जेई ने 20 हजार रुपये अस्पताल में जमा किए हैं।
अवर अभियंता राकेश कुमार प्रजापति ने बताया कि फीडर शटडाउन में था। दूसरी लाइन का जंपर छू जाने से करंट आने की आशंका है। उपकेंद्र से लापरवाही की बात सामने नहीं आई है।
लाइनमैन बोले, नहीं मिल रही सुरक्षा किट
घटना के बाद संविदा कर्मी एसई से मिले और सुरक्षा किट न दिए जाने की शिकायत की। कर्मचारियों ने बताया कि सुरक्षा किट में अर्थ चेन, ग्लव्स, हेलमेट, जूते, सेफ्टी बेल्ट व वर्दी मिलती थी। अब अधिकारियों के ध्यान न देने से किट नहीं दी जा रही है। इससे जान जोखिम में डालकर काम करना मजबूरी है। अनुबंध में लाइनमैनों को सुरक्षा किट देने की शर्त भी शामिल है।
पूरे मामले की कराई जाएगी जांच
अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। सुरक्षा किट न देने के संबंध में उन्होंने कार्यदायी संस्था को तलब किया है।