फोटो-14 पांडवेश्वर नाथ मंदिर सत्संग भवन में मानस सम्मेलन में आरती करती महिला भक्त। स्रोत: पाठक
फर्रुखाबाद। मानस विचार समिति ने शनिवार को मानस सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें श्रीराम-जानकी विवाह की मनमोहक झांकी सजाई गई। तनिक झुक जईयो रघुवीर लली छोटी है लोकगीत पर श्रोता भावविभोर होकर झूमे।
मध्य प्रदेश दतिया की कथाव्यास लीला भारती ने श्रीराम और जानकी के विवाह को मर्यादा तथा संस्कृति का संगम बताया। उन्होंने कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति का सबसे पवित्र संस्कार है। लीला भारती ने राजा जनक के दरबार में श्रीराम व लक्ष्मण के पहुंचने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने आज के विवाहों में बढ़ते दिखावे पर चिंता व्यक्त की। कथा मर्मज्ञ संयोजक रामबाबू पाठक ने राम-जानकी विवाह को आदर्श बताया।
गाजीपुर के कथावाचक सुषमता राय ने रामकथा सुंदर कर तारी, संशय विहग उड़ावनिहारी चौपाई की व्याख्या की। उन्होंने मानव मन को चंचल और विकारों का पक्षी बताया। देवी सहाय तिवारी, पीलाराम और प्रह्लाद मिश्र ने भी प्रसंग पर विस्तार से चर्चा की। कथा के यजमान अखिलेश शुक्ला और रूपाली शुक्ला थे। अलीगंज के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, सूर्यकांत गुप्ता और अमृतपुर के प्रधान सचिन देव तिवारी जैसे मुख्य अतिथि भी उपस्थित रहे। बृजकिशोर सिंह किशोर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कथा में सुरजीत पाठक (बंटू), अशोक रस्तोगी, ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री, नरेश दुबे, विजय अवस्थी, विशेष पाठक, सौम्य पाठक, विजयलक्ष्मी पाठक, माधुरी सक्सेना, मालती देवी आदि का सहयोग रहा।