भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सफाई कर्मियों की बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। जोरदार नारेबाजी की तथा मांगें पूरी न होने तक लगातार आंदोलन की धमकी दी। ईओ से वार्ता की गई, लेकिन विफल रही। सफाई न होने से शहर में कूड़े के ढेर लग गए। उनसे उठती सड़ांध से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
महासंघ जिलाध्यक्ष हरिओम बाल्मीकि की अगुवाई में शुरू हुई बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। पालिका स्थित ईओ कार्यालय के बाहर जमे सैकड़ों महिला-पुरुष सफाई कर्मियों ने एक स्वर से ऐलान किया कि जब तक जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम किसी भी कीमत पर काम पर नहीं लौटेंगे। सफाई कर्मचारी ईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
उनका आरोप था कि इनके आने के बाद ही संविदा कर्मियों के वेतन में करीब तीन हजार रुपये महीने की कटौती की गई है। यह कर्मियों का शोषण है।
इसी दौरान ईओ ने वार्ता के लिए प्रस्ताव भेजा, तो प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद प्रेमी, जिलाध्यक्ष हरिओम बाल्मीकि, विनोद पेंटर, नीरज बाल्मीकि, अजय बाल्मीकि आदि प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता की।
ईओ रश्मि भारती ने कहा कि ऑडिट में इनका वेतन कम किया गया है। इसमें वह कुछ नहीं कर सकतीं। जबकि प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह बोर्ड की बैठक बुला लें। उसमें इस मामले को सुलझाया जा सकता है। लेकिन वह इस पर तैयार नहीं हुईं। लिहाजा वार्ता विफल हो गई।
इससे कर्मियों में गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सभी ने एक स्वर से ऐलान किया कि पालिका प्रशासन हम कर्मियों की मांगों को सुलझाने की ओर सार्थक प्रयास नहीं कर रहा है। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने से पहले कोई भी समझौता होने वाला नहीं है।
इस मौके पर रामलखन बाल्मीकि, एससीएसटी संघर्ष समिति अध्यक्ष राकेश कुमार बाल्मीकि, अजय बाल्मीकि, विनोद बाल्मीकि, नीरज बाल्मीकि, बुलट बाल्मीकि, अभय, अनिल आदि सफाई कर्मी मौजूद रहे।
सफाई वाहनों को रोका
मंगलवार सुबह ईओ ने सफाई नायकों संग बैठक करके सफाई की समीक्षा की। उन्होंने ठेके के कर्मियों से ट्रैक्टर-ट्रालियां भेजकर कूड़ा उठाने को कहा। इस पर कुछ ट्रैक्टरों को निकालने का प्रयास किया, तो आंदोलनरत कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। कुछ देर के लिए तूतू-मैं-मैं की नौबत आ गई।
वार्ता करने नहीं पहुंचीं पालिकाध्यक्ष
सफाई कर्मियों ने साढ़े 12 बजे ऐलान किया कि अब पालिकाध्यक्ष का पुतला फूंका जाएगा। कुछ ही देर में पालिकाध्यक्ष का मैसेज आया कि वह वार्ता करने तीन बजे आएंगी। इस पर सफाई कर्मियों ने पुतला दहन रोक दिया। जब दोबारा वार्ता हुई, तो उन्होंने पांच बजे आने की बात कही। इस पर सफाई कर्मियों ने मिलने से इनकार कर दिया। कहा कि तब तक कोई नहीं रुक सकता। इससे पुतला दहन और मुलाकात दोनों ही टल गई।
ठेके के 200 कर्मचारी भी गायब
नगर पालिका में 291 संविदा, 88 बैकलॉग, 216 नियमित कर्मचारी हैं। इसके अलावा लगभग 200 कर्मी ठेके पर भी काम कर रहे हैं। 25 ऐसे कर्मी हैं, जो हाईकोर्ट से केस जीतने के बाद कुछ महीने पहले ही काम पर आए हैं। इनमें से ठेके के 200 सफाई कर्मियों को काम करना चाहिए, लेकिन वह भी भय के चलते काम से नदारद हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर सिर्फ झाड़ू लगाई गई।