सिंचाई महकमे ने खरीफ की फसल में सिंचाई के लिए रोस्टर जारी कर दिया है।
किसानों को नहर में 1 अक्तूबर तक पानी मिलेगा। रजबहा खिनमिनी, माइनर
हरसिंहपुर, ज्यूनी व कनासी की टेल तक पानी पहुंचना इस बार भी मुश्किल है।
ये बात सिंचाई महकमा खुद मानता है। इससे टेल के किनारे के किसानों को निजी
नलकूपों के भरोसे ही रहना होगा। जिले में नहरों की लंबाई 144 किलोमीटर
है। नहरों से 2865 हेक्टेयर रकबा की सिंचाई होती है। रजबहा त्योर, ललई,
खिनमिनी, माइनर विजयपुर,रुदायन,होतेपुर, कटिया, अमोघपुर, अमरौली, जौरा,
रुटौल, पैथान, अल्लापुर, इजौर, जिराऊ, लुधइया, जयसिंहपुर, रजपालपुर,
ज्यूनी, कनासी, शमसाबाद, मंझना, रोशनाबाद, वैरमपुर, विघौना, विचलैया से
किसानाें को पानी मिलता है। नहर को डिमांड के मुताबिक पानी नहीं मिलता है।
इससे रजबहा और माइनरों में पानी
का दबाव कम हो जाता है। इसके साथ ही दबंग
किसान खांदी काट लेते हैं। सीधे कुलावे से भी जल हानि होती है। नहर विभाग
के आंकड़ों के मुताबिक ही खरीफ की सीजन में अलग-अलग रोस्टर में 52 से 109
क्यूसेक तक जल हानि का अंदेशा है। इससे रजबहा खिनमिनी, माइनर हरसिंहपुर,
ज्यूनी, कनासी में टेल तक पानी पहुंचने की उम्मीद नहीं लग रही है।
नहरों में पानी का रोस्टर
28
मई, 4 जून, 11 जून, 18 जून, 25 जून, 2 जुलाई, 9 जुलाई,16 जुलाई, 23 जुलाई,
30 जुलाई, 6अगस्त, 13 अगस्त, 20 अगस्त, 27 अगस्त,3 सितंबर, 10 सितंबर, 17
सितंबर, 24 सितंबर, 1 अक्टूबर।
विभाग की टीम करेगी मॉनीटरिंग
सिंचाई
महकमे के एक्सईएन एमएम सिंह ने बताया कि खांदी कटान को रोकने के लिए
निगरानी टीम बनाई है। यह नहरों व माइनरों की निगरानी करेगी। नहर की कटान
करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कोशिश होगी कि टेल तक पानी पहुंचे। ताकि
को किसानों को परेशान न होना पड़े।