जहरीले कीड़े के काटने से बालक की मौत के मामले में फार्मासिस्ट को निलंबित कर दिया गया। मामले में आरोपी डॉक्टर को बचाने में स्टाफ लगा हुआ है। इस पर फार्मासिस्ट एसोसिएशन भी अपने साथी के बचाव में उतर आया है। एसोसिएशन ने फार्मासिस्ट का निलंबन वापस न लिए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मऊदरवाजा के हैवतपुर गढ़िया कांशीराम कालोनी निवासी कृष्णा (9) पुत्र जीतू को जहरीले कीड़े ने काट लिया था। परिजन उसे लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में लेकर आए। यहां पर इलाज में लापरवाही होने के कारण परिजन झाड़-फूंक के लिए बच्चे को ले जा रहे थे। उसी समय उसकी मौत हो गई थी।
इस पर परिजनों ने दूसरे दिन लोहिया अस्पताल में हंगामा कर डॉक्टर नीरज यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। डीएम के आदेश पर डिप्टी सीएमओ डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर एसपी सिंह, डॉक्टर अशोक कुमार की जांच टीम बनाई गई थी। शनिवार को सीएमएस डॉक्टर बीबी पुष्कर ने ड्यूटी पर मौजूद फार्मासिस्ट जावेद खान को निलंबित कर दिया। सीएमएस ने बताया कि फार्मासिस्ट उनके अधीनस्थ है। डॉक्टर सीएमओ के अधीनस्थ है। इसलिए उस पर कार्रवाई सीएमओ करेगें। वहीं सीएमओ डॉक्टर चंद्रशेखर ने बताया कि डॉक्टर पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जल्द ही कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
मालूम हो कि शुक्रवार को डीएम ने डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसकी जानकारी जैसे ही फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को हुई तो वह लोग आक्रोशित हो गए। एसोसिएशन के अध्यक्ष चक्रसिंह यादव, मंत्री जितेंद्र कुमार ने सीएमएस को एक ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों का कहना था कि फार्मासिस्ट का निलंबन वापस न हुआ तो वे लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होगें। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि किसी मरीज को भर्ती करने का अधिकार डॉक्टर को होता है। फार्मासिस्ट का इस प्रकरण में कोई दोष नहीं है। उन लोगों का कहना था कि मृतक के परिवार वाले भी डॉक्टर पर ही कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पदाधिकारियों ने डीएम से भी इस प्रकारण को गंभीरता से लेने की मांग की है।