फर्रुखाबाद। छत पर बंदर के हमले से घबराकर भागते समय गिरे एक ढोलक वादक की ढाई माह पहले पैर की हड्डी टूट गई थी। उसका लोहिया अस्पताल में आर्थो सर्जन ने इलाज किया। आरोप है कि दो बार ओटी में ऑपरेशन के बदले 35 हजार रुपये लिए, मगर हड्डी नहीं जुड़ी। शनिवार को कांग्रेस नेता के बुलावे पर पहुंचे सीएमएस के सामने पीड़ित ने दुखड़ा सुनाया। सीएमएस ने जांच के आदेश दिए हैं।
मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला ढुइया नौलक्खा निवासी अतुल तिवारी का 24 अप्रैल को छत पर बंदरों के हमले से गिरकर पैर टूट गया था। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। आर्थो सर्जन ने उसका इलाज किया। अतुल ने आरोप लगाया कि अस्पताल की ओटी में पहली बार ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर ने 20 हजार रुपये लिए। इसके बाद न तो दर्द बंद हुआ और न ही हड्डी जुड़ी। डॉक्टर से कई बार कहने पर उसका 14 हजार रुपये लेकर दोबारा ऑपरेशन कर दिया गया। इसके बावजूद आज तक कोई फायदा नहीं हुआ। अब दर्द से बेहाल है। अन्य मरीजों को देखते, मगर उनकी बात तक नहीं सुन रहे हैं।
शनिवार दोपहर में जानकारी होने पर कांग्रेस नेता शुभम तिवारी पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा को बुलाया। पीड़ित अतुल तिवारी ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। सीएमएस ने बताया कि इस मामले की सीएमओ से भी शिकायत हुई है। वहां से जांच कमेटी बनाने के आदेश किए जा रहे हैं। मामला बेहद गंभीर है। अस्पताल में ऑपरेशन के बदले रुपये लेना गलत है।
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कई दिन से अपने हाथ से ही करता ड्रेसिंग
अतुल तिवारी और उसके भाई ने सीएमएस को बताया कि कई दिन से ड्रेसिंग तक करनी बंद कर दी है। वह खुद अपने हाथ से ड्रेसिंग कर रहे हैं। ड्रेसिंग रूम में ताला लगा दिया जाता है।