फर्रुखाबाद। बदलते मौसम के साथ खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सोमवार को लोहिया अस्पताल की ओपीडी में पंजीकरण, पर्चा, डॉक्टर से लेकर रक्त नमूना और दवा के काउंटर पर भीड़ की वजह से धक्का-मुक्की होती रही। डॉक्टरों के कमरों के बाहर गार्ड और वार्डबॉय ने खड़े होकर मरीजों को एक-एक कर जाने दिया। दोपहर डेढ़ बजे तक रिकॉर्ड 1130 मरीज पहुंचे।
इन दिनों हर घर में बुखार के मरीज हैं। इसका असर लोहिया अस्पताल की ओपीडी में दिखाई दिया। सुबह 10 बजे के बाद मरीजों की भीड़ इस कदर बढ़ी कि पंजीकरण, पर्चा और रक्त नमूना देने के काउंटरों पर गार्डों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ओपीडी में एक दिन में सीजन के सर्वाधिक 1130 मरीज पहुंचे। इनमें से 500 से अधिक मरीज फिजीशियन डॉक्टरों के थे। लिहाजा अस्पताल के सभी फिजीशियन के कमरों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगीं।
डॉ. प्रवीन कुमार, डॉ. अवनीश अग्निहोत्री, डॉ. अभय श्रीवास्तव, डॉ. मनोज पांडेय के कमरों के बाहर मरीजों की भीड़ जमा हो गई। ड्यूटी वार्डबॉय को गेट पर खड़ा करके मरीजों को एक-एक कर अंदर प्रवेश दिया गया। दिव्यांग बोर्ड में व्यस्त आर्थो सर्जन की वजह से हड्डी रोग से पीड़ितों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। सभी मरीजों की जांचें करके दवाएं दी जा रही हैं। दोपहर दो बजे तक सभी मरीजों को देख लिया गया।
समय से पहले उठ गए दो डॉक्टर
दिव्यांग बोर्ड में आर्थो सर्जन के सबसे अधिक मरीज होने की वजह से डॉ. रिषिकांत वर्मा सबसे देरी तक बैठे दिव्यांगों की जांच करते रहे। हालांकि नेत्र रोग विशेषज्ञ और ईएनटी सर्जन कुछ देर बैठने के बाद उठ गए। इससे यहां आए मरीजों को उनके कमरों में जाकर जांच करवानी पड़ी।