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दोपहर में दिखी धूप, ठिठुरन बरकरार

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शहर के नेहरू रोड पर ठंड से बचने के लिए शॉल ओढ़ कर जा रही युवति। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। कड़ाके की ठंड से निजात नहीं मिल पा रही है। सोमवार दोपहर बाद धूप तो निकली, लेकिन शीत लहर के कारण ज्यादा प्रभाव नहीं डाल सकी। छतों, पार्कों व चौराहों आदि स्थानों पर शीत लहर के बीच लोग धूप सेंकते नजर आए। शाम ढलते ही बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में कैद सा करा दिया।
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सोमवार सुबह से ही घने बादल और बर्फीली हवाओं से परेशान लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। दोपहर करीब 12 बजे हल्की धूप निकली तो लोगों ने राहत महसूस की। महिला-पुरुष छतों और खुले मैदानों में ठंडी हवाओं के बीच ही धूप सेंकते दिखाई दिए।
बार-बार बादल छाने से धूप की तपिश भी तेज न हो सकी। तीन बजे के बाद आसमान तो साफ हो गया, मगर दिन ढलने से ठिठुरन फिर बढ़ गई। लोग जल्द ही घरों में दुबकने के लिए मजबूर हो गए। रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन समेत सार्वजनिक स्थलों पर यात्री सर्दी से परेशान दिखे।
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रात आठ बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। रोडवेज बस स्टैंड के अलाव पर नगर पालिका इतनी लकड़ी नहीं डालती कि यात्रियों की रात कट सके। लिहाजा परिसर में खड़े एक सूखे पेड़ की मोटी डाल काटकर अलाव की व्यवस्था की गई। शाम ढलते ही इन स्थानों पर यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। अलाव से यात्रियों ने राहत की सांस ली।
सुबह कोहरे व शीत लहर से गलन बढ़ गई है। दो दिन से सर्दी चरम पर है। सुबह कोहरे के बीच वाहनों की हेड लाइट भी जलती रही। गलन इतनी है कि हाथ जेब से बाहर निकालना मुश्किल हो रहा है। शीतलहर से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। नगर के आसपास सुबह कोहरा हल्का रहा, मगर देहात क्षेत्र व खुले इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। दोपहर 12 बजे के बाद शीतलहर के चलते कोहरा कम हुआ और धूप निकल आई। हालांकि गलन भरी सर्दी में धूप बेअसर रही। धूप निकलने पर लोग अपने घरों से निकले, लेकिन किसान खेतों पर काम करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। धूप के बाद भी लोग अलाव तापते रहे।

अलाव न जलने से लोहिया अस्पताल में लकड़ी बीनकर ठंड दूर करने के लिए आग जलाता होमगार्ड। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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