योगी सरकार का गन्ना किसानों को एक हफ्ते के भीतर बकाया भुगतान करने का आदेश अमल में नहीं आ पाया। जिले के 2763 किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे ये किसान परेशान हैं।
गन्ना पेराई सत्र शुरू होते ही सूबे की सरकार ने तुरंत भुगतान करने का फरमान सुनाया था।
15 अप्रैल को पेराई बंद कर दी गई। इस बार सहकारी चीनी मिल कायमगंज में 9230 किसानों का 15.73 लाख क्विंटल गन्ना पेराई के लिए आया था। इससे एक लाख 43 हजार 250 बोरे (क्विंटल) चीनी तैयार हुई थी। इससे मिल को लगभग 4927.89 लाख रुपये मिले थे। चीनी मिल ने 6468 किसानों का भुगतान कर दिया। 2763 किसानों के 2640.74 लाख रुपये अभी तक बकाया है।
गन्ना किसान कल्यान सिंह ने बताया कि चीनी मिल ने पूरा भुगतान नहीं किया है। इससे गुजारा मुश्किल हो रहा है। स्कूल खुलने वाले हैं। बच्चों के दाखिले, किताबों और यूनिफार्म पर खर्च होगा। अन्य खर्चे भी हैं। किसान कैलाश चंद्र बताते हैं कि मक्के की फसल की तैयारी करनी है। गन्ने का भुगतान नहीं हुआ है। इससे फसल की बुवाई में मुश्किल आएगी। ठीक से बारिश नहीं हो रही है। पलेवा भी करना है। पैसे हैं नहीं।
ऐसा ही हाल दूसरे किसानों का है। भुगतान फंसा होने से किसान धान की फसल की तैयारी भी नहीं कर पा रहे हैं। इस मसले पर चीनी मिल के इंजीनियर एसएस चौहान ने बताया कि बजट नहीं है। बजट मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा।