कायमगंज। 50 साल पुरानी जर्जर चीनी मिल सीजन के आखिरी समय में बार-बार बंद हो रही है। मंगलवार भोर में चार बजे तकनीकी खराबी से पेराई बंद हो गई। 10 घंटे चली मरम्मत के बाद मिल को चालू किया जा सका।
चीनी मिल में पेराई का अंतिम दौर चल रहा है। ऐसे में मिल की पुरानी मशीनें बार-बार धोखा दे रही हैं। कभी रोलर तो कभी बॉयलर में खराबी से पेराई बंद हो रही है। हाल में ही रोलर में खराबी से 36 घंटे बाद पेराई शुरू हो पाई थी। मिल के तकनीकी कर्मचारियों ने मरम्मत शुरू की तो 10 घंटे लग गए। इसके बाद दोपहर दो बजे पेराई शुरू हो सकी।
मिल यार्ड में गन्ना तौल कराने आए किसानों ने मिल चालू होने के बाद राहत की सांस ली। किसानों का कहना है कि 10 घंटे पेराई बंद रहने से तौल रुक गई। इससे किसानों का समय बर्बाद हुआ। गन्ना तौल प्रभावित हुई है। चीनी मिल ने अब तक 9.5 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है।इससे 86235 क्विंटल चीनी बनी है।
सीसीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि पेराई सत्र अंतिम दौर में है। मशीनों में छोटी-मोटी खराबी हो जाती है। ट्रांसमिशन के गन बियरिंग में खराबी आ गई थी।तकनीकी कर्मचारियों ने उसे बदल दिया है। दोपहर 2 बजे पेराई शुरू हो गई।