फर्रुखाबाद। न्यायालय कर्मी की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक ने राजेपुर थाने के दरोगा को निलंबित कर दिया, जबकि थानाध्यक्ष को हटा दिया। वहीं, 27 सितंबर को न्यायालय कर्मी के साथ हुई घटना की दी गई तहरीर के आधार पर राजेपुर थाने में मंगलवार रात आठ बजे जानलेवा हमले सहित दो धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। इससे पुलिस के कारनामे की कलई खुल गई।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी न्यायालय कर्मी अमित मिश्र 27 सितंबर को ड्यूटी कर बाइक से घर जा रहे थे। इसी दौरान गांव भरखा के पास बाइक सवारों ने हमला कर दिया था। वह घायल हो गए थे और भागकर अपनी जान बचाई थी। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जांच कर रहे दरोगा से जब अमित मिश्रा कहने गए तो उन्हें धमकाकर भगा दिया था। उन्हें हमलावरों से जान का खतरा था।
मंगलवार को अमित की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन ने राजेपुर थानाध्यक्ष राजीव पांडेय व दरोगा आशुतोष यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर पुलिस लाइन में जमकर हंगामा किया और लोहिया अस्पताल से शव नहीं उठने दिया था। कार्रवाई के आश्वासन पर शाम को पोस्टमार्टम कराया गया। थानाध्यक्ष व दरोगा पर कार्रवाई न होने से नाराज परिजन व न्यायालय कर्मियों ने कलक्ट्रेट गेट पर रात 12:30 बजे तक धरना दिया था। न्यायालय कर्मियों ने बताया कि बुधवार दोपहर दो बजे तक कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर धरना स्थगित कर दिया था।
न्यायालय कर्मी के पिता राजेश मिश्रा ने दरोगा पर हमलावरों का करीबी होने और थानाध्यक्ष पर मिलीभगत का आरोप लगाया था। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि राजेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव पांडेय को स्थानांतरित कर अमृतपुर थानाध्यक्ष बना दिया है। जबकि अमृतपुर थानाध्यक्ष दर्शन सिंह की राजेपुर थाने में तैनाती की है। राजेपुर थाने के दरोगा आशुतोष यादव को निलंबित कर दिया गया है।
घटना के नौ दिन बाद लिखी प्राथमिकी
न्यायालय कर्मी अमित मिश्रा ने 27 सितंबर को घटना की तहरीर राजेपुर थाने में दी थी। छह अक्तूबर की सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस लाइन में हंगामा और कलक्ट्रेट गेट पर धरना देने के बाद राजेपुर थाने में न्यायालय कर्मी की तहरीर पर बाइक सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। हमलावरों द्वारा एक किमी तक बाइक से पीछा करने और हत्या की नीयत से बाइक में लात मारकर गिराने, उठकर भागने पर पीछा करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि थाने में एनसीआर पहले ही दर्ज कर ली गई थी।
दो थानों की पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम को शव परिजन गांव ले गए थे। बुधवार सुबह अंतिम संस्कार के लिए पांचाल घाट पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। हंगामा और जाम की आशंका के चलते राजेपुर व अमृतपुर थाने का फोर्स मौजूद रहा।
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कार्रवाई होने से न्यायालय कर्मचारियों की हड़ताल टली
फर्रुखाबाद। न्यायालय कर्मचारी की मौत के मामले में बुधवार को कर्मचारियों का आक्रोश सामने आया। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष ऋषि यादव की अगुवाई में कर्मचारी नेता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों ने दोपहर दो बजे तक कार्रवाई न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह दोपहर को जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार से मिलने पहुंचीं। कर्मचारी संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष ऋषि यादव ने बताया कि अधिकारियों ने शाम पांच बजे तक कार्रवाई का भरोसा दिया था। शाम को राजेपुर थानाध्यक्ष राजीव पांडेय और दरोगा आशुतोष यादव को निलंबित कर दिया गया। वहीं, मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद प्रस्तावित आंदोलन वापस ले लिया गया।