कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के छात्राओं के फतेहपुर सीकरी भेजे गए टूर में घोटाला कर लिया गया। 4 अप्रैल को दो और 6 अप्रैल को तीन विद्यालयों का टूर भेजा गया था। टूर जाने से पहले ही बिलों का भुगतान करा लिया गया था। यह मामला शासन तक पहुंच गया है।
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर सतीश कुमार ने गुरुवार को तीन सदस्यीय टीम के साथ जांच पड़ताल की। जांच टीम ने टूर व अन्य मामलों की शिकायतों के आधार पर अभिलेख जांचे।
वार्डन, टीचर व लेखाकारों से पूछताछ के बाद लिखित में रिपोर्ट ली। टीम अभिलेखों की फोटो प्रतियां जांच के लिए साथ ले गई है। टूर में बरती गई अनियमितताओं में कई का फंसना तय माना जा रहा है।
कायमगंज, कमालगंज, नवाबगंज, राजेपुर व शमसाबाद विकासखंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें पढ़ने वाली छात्राओं के शैक्षिक टूर के लिए शासन ने पांच लाख रुपये का बजट प्रत्येक विद्यालय के लिए एक लाख रुपये के हिसाब से पिछले साल भेजा था।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने 30 मार्च 2015 को छात्राओं का टूर ले जाने का आदेश सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय वार्डनों को दिया। टूर के साथ बालिका शिक्षा प्रभारी डीसी राजेश वर्मा, डीसी राजीव गुप्ता, एबीआरसी प्रदीप यादव, साक्षरता की डीसी अंजली कुमारी को जाने का आदेश दिया गया था।
कायमगंज व शमसाबाद के विद्यालयों का टूर 4 अप्रैल को रवाना हुआ था। कमालगंज, नवाबगंज व राजेपुर के स्कूलों का टूर 6 अप्रैल को गया था। ये टूर फतेहपुर सीकरी गए थे। जिम्मेदारों ने टूर ले जाने से पहले ही बिल तैयार कर भुगतान करा लिया।
विभागीय सूत्रों की मानें तो टूर के बिल एक ठेकेदार के माध्यम से पहले ही बनवाकर तैयार करा लिए गए थे। टूर में घपला होने की शिकायत पर राज्य परियोजना निदेशक ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर सतीश कुमार को जांच सौंपी।
गुरुवार को एडी बेसिक, कानपुर देहात के बीएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी चरन मधुकर शुक्ला, एडी बेसिक कार्यालय के प्रभारी उप निरीक्षक उर्दू के साथ जांच करने मुख्यालय आए। टीम के सदस्यों ने सभी वार्डनों से लिखित तौर पर मामले की जानकारी ली। पत्रावली और बिलों की जांच पड़ताल की। जांच में अनियमितताएं मिलने की आशंका जताई जा रही है।