फोटो-11, पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल लेकर निकलता युवक। संवाद
- कागजों पर जारी अभियान ,फोटो शूट कर हो रहे खत्म
- पेट्रोल पंप पर चालान कर बढ़ा रहे राजस्व व चालान का आंकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी।
फर्रुखाबाद। बिना हेलमेट, नो फ्यूल। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम की मंशा से शुरू अभियान अफसरों की ढिलाई और नियम तोड़ने वालों की मनमानी के चलते दम तोड़ता नजर आ रहा है।
पेट्रोल पंपों पर जिम्मेदार महकमे के लोग खड़े होकर फोटो खिंचवा रहे हैं। इन तस्वीरों को ग्रुपों पर भेजकर अपनी ड्यूटी पूरी मान रहे हैं, लेकिन असल मकसद, सड़क सुरक्षा कहीं खो गया है। एआरटीओ और यातायात पुलिस के कर्मचारी चौराहों और पंपों पर चालान काटते तो दिखे, कुछ ही देर में अभियान बेमकसद दिखाई दिया।
जिले के पेट्रोल पंपों पर बगैर हेलमेट पेट्रोल न दिए जाने के लिए एक बार फिर अभियान शुरू किया गया है। छह माह पहले भी अभियान चला था।इस बार भी नियम तोड़ने वाले यह जानते हैं कि कुछ ही देर में कानून के रखवाले फोटो खिंचवा कर चले जाएंगे। नतीजतन बाइक सवार भी नियमों को ताक पर रखकर पेट्रोल भरवा लेने में जलवा समझ रहे हैं।
जिस अभियान से सड़क हादसों पर लगाम कसने की उम्मीद थी, वही लापरवाही और औपचारिकता के बोझ तले दबकर खोखला साबित हो रहा है। अभियान की नीयत भले नेक रही हो, लेकिन क्रियान्वयन ने इसे सिर्फ कागजी बना दिया। पेट्रोल पंपों पर बाइकों का चालान कर अफसर राजस्व वृद्धि और समीक्षा बैठक में बताने के लिए चालानों का जरूरी आंकड़ा पूरा कर रहे हैं। सड़क पर 90 प्रतिशत वाहन चालक दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।
हादसों से भी सबक नहीं ले रहे लोग
जिले में इस वर्ष हादसों की बात करें तो जुलाई में ही 44 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 25 लोगों की जान गई व 26 घायल हो गए। विगत वर्ष की अपेक्षा इस बार जुलाई में 18.91 प्रतिशत वृद्धि हुई है। अगर माह जुलाई 2025 तक हुई दुर्घटनाओं की संख्या पर नजर डालें तो लगभग 19.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि मृतकों की संख्या में 29.36 प्रतिशत बढ़ी है। विगत वर्ष 128 के मुकाबले इस वर्ष 163 व्यक्तियों की मौत सड़क दुर्घटना में हो चुकी है।