नलकूप विभाग की कालोनी में 22 आवास हैं। इनमें कनेक्शन न होने के बावजूद वर्षों से बिजली जलाई जा रही है। दो माह पहले अधिकारियों के इशारे पर 14 कर्मचारियों पर बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई जबकि साहब के करीबियों को छोड़ दिया गया। सभी ने शमन शुल्क जमा किया। इसके बाद फिर पूरी नलकूप कालोनी में खुलेआम बिजली चोरी हो रही है।
बेवर रोड भोलेपुर स्थित नलकूप विभाग के कर्मचारी व अधिकारी सरकारी आवासों में रह रहे हैं। विभाग में खंड कार्यालय, स्टोर, वर्कशाप सहित कुल चार विद्युत कनेक्शन हैं जबकि कालोनी के किसी भी आवास में कनेक्शन नहीं है। यहां वर्षों से परिवार रह रहे हैं।
इनमें टीवी, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, सबमर्सिबल आदि विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है। अगस्त में बिजली विभाग के एसडीओ व जेई ने टीम के साथ चेकिंग की और 14 कर्मचारियों के खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज करा दी। इस पर विभाग में खलबली मची और कालोनी में रह रहे बाबू सहित पांच जिम्मेदारों पर रिपोर्ट दर्ज न कराने को लेकर कई सवाल खड़े किए गए।
यह भी बताया कि चार बिजली कनेक्शनों में से मात्र दो का ही बिल अदा किया जाता है। बाद में कर्मचारियों ने बिजली विभाग में शमनशुल्क जमा किया और कनेक्शन के लिए आवेदन किए, लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं मिले। इसके पीछे भी पेच बताया जा रहा है।
पहला सवाल तो पांच आवासों में परिवार रहने के बावजूद न तो बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई और न ही उन्होंने कनेक्शन को आवेदन किया। वहीं दो पुराने कनेक्शनों पर लाखों बकाया होने के बावजूद बिल नहीं दिया। मेलजोल के चलते पुराना बिल भी समाप्त करने का प्रयास चल रहा है। हालात यह हैं कि कालोनी के सभी आवासों में फिर से खुलेआम केबलें डालकर बिजली चोरी की जा रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
एसडीओ उत्तम चंद्र ने बताया कि नलकूप कालोनी के आवासों के लिए 25 किलोवाट का सिंगल कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया है। इसका एस्टीमेट बनवाया जा रहा है। पुराने कनेक्शनों का कितना बिल बना, इस सवाल का वह जवाब नहीं दे सके।
पांच आवासों में बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई गई, के सवाल को भी टालते हुए कहा कि अब तो सिंगल कनेक्शन दिया ही जाएगा। शीघ्र ही कनेक्शन देने की कार्रवाई पूरी की जाएगी।