सीएचसी फतेहगढ़ में बैठा स्टाफ। संवाद
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फर्रुखाबाद। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बावजूद कोविड अस्पतालों के डॉक्टर सक्रिय नहीं हुए हैं। रविवार की दोपहर 1:30 बजे एल-2 अस्पताल फतेहगढ़ में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जबकि अन्य स्टाफ ड्यूटी करता मिला।
कोरोना की तीसरी लहर से जंग के लिए जिले में छह अस्पताल तैयार किए गए हैं। इन अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट भी लगाए गए। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सीएचसी फतेहगढ़ को एल-2 अस्पताल बनाया गया है। कोरोना की दूसरी लहर में इस अस्पताल में 100 मरीजों के भर्ती करने की व्यवस्था की गई थी। तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। 20 बेड पर ऑक्सीजन की पाइप लाइन पड़ी है।
संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर 75 बेड और बढ़ाने की व्यवस्था है। इन दिनों लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ने से कोविड अस्पताल सक्रिय कर दिए गए। जिले में 355 एक्टिव केस हैं। इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। रविवार की दोपहर 1:30 बजे सीएचसी पहुंचने पर आउटसोर्स पर तैनात छह स्टाफ नर्स वंदना, निशा, पूजा, सीमा, वर्तिका आदि मौजूद थीं।
अस्पताल कार्यालय में फार्मासिस्ट विकास गुप्ता, पुनीत मिश्रा और प्रमोद उत्तम ड्यूटी पर थे, जबकि चीफ फार्मासिस्ट चक्रसिंह यादव डॉक्टर की कुर्सी पर बैठे मिले। पूछने पर बताया गया अस्पताल के डॉ. सुमित शाक्य आवास पर हैं। डॉ. संध्या वर्मा और सीएचसी प्रभारी डॉ. अनुराग वर्मा भी जरूरत पड़ने पर बुला लिए जाएंगे। ऑक्सीजन प्लांट के ऑपरेटर राहुल कुमार भी ड्यूटी पर नहीं मिले। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में अभी कोई मरीज भर्ती नहीं है। दवाएं उपलब्ध हैं और डॉक्टरों की भी तैनाती है।
सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि एल-2 अस्पताल में अभी कोई मरीज नहीं है। रविवार होने के बावजूद डॉक्टरों की ड्यूटी टीकाकरण में लगाई गई थी। टीकाकरण पर पूरा जोर दिया जा रहा है। अस्पताल में मरीज आने पर सभी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।