यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में नकल माफिया हावी हो गए हैं। शनिवार को श्रीसीताराम पाल इंटर कॉलेज चंपापुरी में डीआईओएस कमलेश बाबू ने सामूहिक नकल पकड़ी।
इस परीक्षा केंद्र को ब्लैकलिस्टेड करने व उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रीनिंग व पुन: परीक्षा कराने के लिए बोर्ड को पत्र भेजा गया है। नकल कराने वाले कक्ष निरीक्षकों पर मुकदमा लिखाने के निर्देश केंद्र व्यवस्थापक को दिए गए हैं।
डीआईओएस के अनुसार शनिवार को पहली पाली में इंटर में अर्थशास्त्र प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा चल रही थी। इस दौरान वह श्रीसीताराम पाल इंटर कॉलेज चंपापुरी में पहुंचे। यहां कमरा नंबर 15 में कक्ष निरीक्षक शैलेष मिश्रा, शिक्षिका चंद्रकांती की ड्यूटी लगी थी।
कार्ड चेक करने पर शैलेष अर्थशास्त्र विषय के टीचर पाए गए। कार्ड पर व्हाइटनर लगाकर छेड़छाड़ की गई। चंद्रकांती अर्थशास्त्र की टीचर होने के बावजूद ड्यूटी कर रही थीं। 28 में से 24 परीक्षार्थी पेपर दे रहे थे, जिनकी उत्तर पुस्तिकाएं चेक करने पर एक जैसे जवाब पाए गए। इस सेंटर में बोल-बोलकर नकल कराई गई। इस पर उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक अवधेश सिंह पाल से दोनों शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के आदेश दिए।
उनके परिचयपत्र व एक जैसे जवाब लिखी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोस्टेट कराकर रिकार्ड अपने साथ ले आए। डीआईओएस ने बताया कि बोलकर सामूहिक नकल कराने की पुष्टि हुई है। नियम विरुद्ध ढंग से विषय शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक बनाने में केंद्र व्यवस्थापक की लापरवाही सामने आई है। उनसे जवाब-तलब होगा। परीक्षा केंद्र के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखापढ़ी की है।
डीआईओएस एक घंटे तक केंद्र पर रहे। कक्ष निरीक्षक ड्यूटी के लिए कोई परिषदीय टीचर नहीं आए थे। इसलिए आननफानन में परीक्षा कराने के लिए बिना कार्ड देखे ड्यूटी लगा दी गई। अब डीआईओएस के आदेश के अनुसार दोनों को कार्यमुक्त कर दिया है।