फर्रुखाबाद। जिले के सात विकास खंडों में से छह विकास खंडों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा हो गया है। मोहम्मदाबाद सीट पर सपा को करारी हार मिली है। यहां समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री सपा विधायक नरेंद्र सिंह यादव की पुत्री मोनिका यादव चुनाव हार गईं।
समाजवादी पार्टी एक अर्से से यहां दो खेमों में बंटी हुई है। एक खेमे में डा. सुबोध यादव नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख राजेपुर और दूसरे खेमे में पूर्व मंत्री एवं विधायक नरेंद्र सिंह यादव समझे जाते हैं। विधायक नरेंद्र सिंह यादव के खेमे में कायमगंज विधायक अजीत कठेरिया, कमालगंज विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी भी शामिल हैं। जिला पंचायत में डा. सुबोध यादव को शिकस्त देने के लिए सभी विधायकों ने एकमत होकर अजीत कठेरिया की पत्नी सगुना देवी कठेरिया को अध्यक्ष बनाने में कामयाबी हासिल कर ली थी।
डा. सुबोध यादव इस करारी शिकस्त का बदला लेने के लिए उसी दिन से सक्रिय हो गए और उन्होंने ब्लाक प्रमुख के चुनाव में ऐसी चक्रव्यूह की रचना की, जिसके प्रथम द्वार पर ही सपा विधायक की पुत्री को हार का मुंह देखना पड़ा। विधायक की पुत्री मोनिका यादव को हराने के लिए जिले के नेताओं ने बिहार में हुए चुनाव की तर्ज पर महागठबंधन की तरह योजना बनाई और कांग्रेस, बसपा, भाजपा सभी पार्टियों के नेताओं ने अमित दुबे उर्फ बब्बन को समर्थन दिया।
मोनिका यादव को शिकस्त देने के लिए नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख डा. सुबोध यादव ने भी अप्रत्यक्ष रूप से अमित दुबे को भरपूर सहयोग किया। नतीजतन मोनिका को करारी हार का मुंह देखना पड़ा और अमित दुबे विजयी हुई। सबसे बड़ी बात यह है कि डा. सुबोध यादव ने साम, दाम, दंड, भेद की नीति को अपनाकर पांच ब्लाकों पर ब्लाक प्रमुख पद पर सपा का निर्विरोध झंडा गाड़ दिया। नतीजतन समाजवादी पार्टी के छह प्रत्याशी ब्लाक प्रमुख बन गए।
कमालगंज में हुए चुनाव में विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र राशिद जमाल सिद्दीकी के आगे राजनीति की सियासी चौसर पर चली गई डा. सुबोध यादव की गोटियां फेल हो गईं। नतीजतन राशिद जमाल विजयी हो गए।