एसपी ने डंडा लेकर भीड़ को खेतों तक खदेड़ा
अमृतपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सोमवार को डीएम व एसपी ने मतगणना केंद्र का निरीक्षण किया। धीमी गति से चल रही मतगणना डीएम ने बीडीओ की फटकार लगाई। वहीं केंद्र बाहर लगी भीड़ देखकर एसपी ने खुद हाथ में डंडा थामकर लोगों को खेतों तक खदेड़ा। बाहर खड़े वाहनों के चालान करने के निर्देश दिए। वहीं कार को क्रेन से उठवा दिया।
विकास खंड राजेपुर क्षेत्र के रामनिवास महाविद्यालय चित्रकूट में मतगणना केंद्र बनाया गया है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के साथ पहुंचकर निरीक्षण किया। कोविड नियमों का पालन न होने पर एसपी ने पुलिस कर्मियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने खुद हाथ में डंडा थामा और बाहर लगी भीड़ को काफी दूर तक खदेड़ा।
इससे पुलिस कर्मी भी सख्त रुख में आ गए। एसपी ने मतगणना केंद्र के बाहर खड़े वाहनों का चालान करने के निर्देश दिए। वहीं क्रेन मंगवाकर सड़क किनारे खड़ी तीन कारों को उठवाकर थाने पहुंचा दिया। जिलाधिकारी ने धीमी गति से चल रही मतगणना पर बीडीओ गगनदीप सिंह को फटकार लगाई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम व एसपी आखिरकार खुद मौके पर ही डट गए और अपने सामने मतगणना कराई।
डीआईजी से शिकायत पर दोबारा हुई मतगणना
अमृतपुर। मतगणना केंद्र का डीआईजी रामलाल वर्मा ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने पुलिस कर्मियों को भीड़ न लगने देने के निर्देश दिए। इसी दौरान ग्राम पंचायत रूलापुर से प्रधान पद की प्रत्याशी भावना ने एआरओ पर पक्षपात का आरोप लगाकर डीआईजी से शिकायत की। कहा कि उन्हें चार वोटों से हरा दिया गया। डीआईजी के निर्देश पर दोबारा वोट गिने गए। हालांकि मतगणना सही होने से भावना फिर चार वोटों से हार गईं और अनिल कुमार जीते। (संवाद)
हारे प्रत्याशी के जीत की घोषणा पर हंगामा
अमृतपुर। ग्राम पंचायत कुड़रा की मतगणना के दौरान प्रधान पद के प्रत्याशी छोटेलाल को 361 मत मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी आशीष कुमार को 340। इसके बाद आशीष कुमार को 21 वोटों से विजयी घोषित कर दिया गया। इससे छोटेलाल के समर्थक भड़क गए और एआरओ पर गलत एनाउंसमेंट का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
भाजपा नेता ने गलत घोषणा का विरोध किया। इस पर पुलिस ने उन्हें पकड़कर बैठा लिया। मामला तूल पकड़ता देख आरओ ने मतगणना टेबल पर जाकर प्रपत्र देखे तो पता चला कि छोटेलाल को मिले वोट आशीष कुमार के खाते में चढ़ा दिए गए। जब गड़बड़ी वाले 21 वोट फिर छोटेलाल के खाते में चढ़े तब उन्हें विजयी घोषित किया गया। इस पर मामला शांत हो गया।