जहानगंज। मां की याद में सुसाइड नोट लिखकर बेटे ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक ने भाभी पर परायो की तरह व्यवहार करने, बहन को काम करने के लिए मजबूर करने की बात सुसाइड नोट में लिखी है। पुलिस व फाेरेंसिक टीम ने मौके पर जांच कर नमूने लिए। थाना क्षेत्र के गांव सरफुद्दीनपुर मधवापुर निवासी नन्हेलाल वर्मा की पत्नी ऊषा की डेढ़ वर्ष पहले मौत हो गई थी। उसका बड़ा बेटा राजीव कानपुर में किराये के मकान में रहकर रेलवे की तैयारी कर रहा है। छोटा बेटा अर्पित (20) कानपुर में भाई राजीव के साथ रहकर गन फैक्ट्री में अप्रेंटिस कर रहा था। वह शनिवार की रात को कालिंद्री से घर वापस आ गया।
रविवार की सुबह नन्हेलाल खेत जा रहे थे। उन्होंने अर्पित से पैकेट खाली करके आलू पसारने के लिए कहा और खेत पर चले गए। भाभी विवेका देवी व बहन मोहनी अंदर खाना बना रही थी। अर्पित ने बाहर के कमरे में साड़ी से कुंडे में फंदा लगाकर जान दे दी। बच्चे खेल रहे थे। गेंद कमरे में चली गई। बच्चे गेंद लेने के लिए गए तो अर्पित को फंदे पर लटका देखकर शोर मचाया। भाभी विवेका देवी व बहन मोहनी कमरे में पहुंची और दहाड़े मारकर रोने लगी। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। नन्हेलाल की सूचना पर पहुंची पुलिस व फाेरेंसिक टीम ने शव को फंदे से उतारा।
अर्पित की जेब में सुसाइड नोट मिला। उसमें अर्पित ने लिखा कि भगवान हमको इतना बता दो मां से बड़ी कोई पूजा नहीं है। मां होती तो अपना दर्द उसको बता देता। मां मेरा सुख दुख सब जानती थी। मां के नहीं होने पर कोई खुशी व त्योहार अच्छा नहीं है। एक बेटी के लिए मां का नहीं होना सबसे बड़ा दुख है। भाभी तो परायो की तरह व्यवहार करती है। भाभी को लगता है कि बहन काम नहीं करती है। मां ने बहन को प्यार में पाला और उससे कभी काम नहीं करवाया। मां जब भी काम के लिए कहती थी तो हम लोग कह देते थी कि वह अभी छोटे हैं।
पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर शव का पंचनामा भरा। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने उसके बाद भी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में अर्पित की मौत फंदा लगने से दम घुटने के कारण होना बताई। एसओ योगेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि युवक ने मां की याद कर सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली है।