फर्रुखाबाद। ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पवित्र सोमवती अमावस्या को तड़के चार बजे से पांचाल घाट गंगा तट हर-हर गंगे के उद्घोष से गुंजायमान होने लगे। भोर होते ही सभी घाट भक्तों से भर गए। भीड़ को जाम से बचाने के लिए किया गया डायवर्जन भी लागू नहीं हुआ। पुल पर जाम लगने से लोग परेशान रहे।
पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या की अधिक मान्यता होने के चलते गंगा तट पर रविवार रात से ही इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद जिले के स्नानार्थी पहुंचने शुरू हो गए। रात को घाटों और आश्रमों में विश्राम करने के बाद सोमवार भोर से ही पवित्र जल में डुबकी लगानी शुरू कर दी। हरदोई, शाहजहांपुर, सीतापुर, नैमिषारण्य आदि जिलों के बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा के उत्तरीघाट पर स्नान किया। दुर्वाषा ऋषि आश्रम घाट पर भी दिनभर वाहनों की कतारें लगी रहीं। पुलिस ने बरेली की ओर से आने वाले भारी वाहनों को सड़क किनारे रोक दिया। स्नानार्थियों के वाहन वन विभाग के वन क्षेत्र से नीचे की ओर उतार दिए गए।
इसके अलावा कादरीगेट होकर शहर से जाने वाले वाहनों की पार्किंग अमेठी कोहना के पास बनाने की घोषणा की गई थी, मगर वहां कोई भी पुलिस कर्मी वाहन रोकने के लिए खड़ा नहीं रहा। बेधड़क ई-रिक्शा, टेंपो, कारें, लोडर आदि पहुंचने से जाम लगा रहा। घंटों रेंग-रेंग कर वाहन निकल सके। गंगा पुल पर भी सुबह छह बजे से ही जाम लगना शुरू हो गया।
गंगा में दीपदान, पूजन व कन्या भोज किया
गंगा तट पर दूरदराज से आए भक्तों ने दीपदान, पूजन के बाद कन्या भोज किया। यही नहीं सत्यनारायण कथा भी सुनी गई। शाम तक तट पर खासी भीड़ रही। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और गंगा सेवकों ने बांस बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग की थी।