नौकरी लगवाने के नाम पर पूर्व प्रधान से नवाबगंज थाने में तैनात तत्कालीन सिपाही ने 10 लाख रुपये ठग लिए। पूर्व प्रधान ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की। शासन के आदेश पर इसकी जांच सीओ मोहम्मदाबाद को सौंपी गई है।
थाना नवाबगंज के गांव बेग निवासी पूर्व प्रधान उमेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में कहा कि वर्ष 2013 में थाना नवाबगंज में तैनात सिपाही शिशुपाल से उसकी जान-पहचान हो गई थी। इस कारण सिपाही ने उससे नौकरी लगवा देने का दावा किया था।
सिपाही शिशुपाल की बातों में आकर उमेश ने अपने भाई वीरेंद्र सिंह, चचेरे भाई योगेंद्र सिंह व गांव के ही दिनेशचंद्र की स्वास्थ्य विभाग में डार्करूम सहायक पद पर नौकरी लगवाने के लिए 10 लाख रुपए दे दिए। जब इन लोगों की नौकरी नहीं लगी तो उमेश ने शिशुपाल से रुपयों का तगादा शुरू कर दिया।
सिपाही उसे कुछ दिन टालता रहा। इस बीच उसका तबादला कानपुर जिले के लिए हो गया। उमेश ने जब फोन कर उससे रुपयों का तगादा किया तो सिपाही ने देने से मना कर दिया। इसके साथ धमकी भी दी कि जिससे भी चाहो शिकायत कर दो वह पैसे नहीं वापस करेगा। पूर्व प्रधान ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। शासन के आदेश पर मामले की जांच सीओ मोहम्मदाबाद राजेश पांडेय कर रहे हैं। सीओ ने पूर्व प्रधान को बयान के लिए बुलाया।