फर्रुखाबाद। रोडवेज बस अड्डे पर दैनिक यात्रियों को अब हाथ से लिखी एमएसटी (मासिक सीजन टिकट) से मुक्ति मिल गई है। निगम ने स्मार्ट एमएसटी बनाने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल यह सेवा सप्ताह में तीन दिन मिलेगी।
पहली बार यात्री को 50 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। करीब 52 एमएसटी बनाई जा चुकी हैं। यह सॉफ्टवेयर कोड नंबर से काम करता है। रोडवेज बसों से दैनिक यात्रा करने वाले लोगों को हाथ से बनी एमएसटी हर माह बनवाने में काफी समय खर्च करना पड़ता था। उसके रखरखाव में भी खासी परेशानी आ रही थी। अब निगम ने चिप लगी स्मार्ट एमएसटी लॉन्च कर दी है।
स्थानीय बस अड्डा पर भी इसका काउंटर शुरू कर दिया गया है। इस पर डिपो की लिपिक लक्ष्मी देवी को तैनात किया गया है। वह अभी तक हाथ से एमएसटी बनाती थीं। अब कंप्यूटर और सहयोगी बैंक भारतीय स्टेट बैंक की मशीन से काम शुरू हुआ है।
काउंटर पर करीब 52 एमएसटी बनाई जा चुकी हैं। पहली बार एमएसटी बनाने में 50 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होता है। उन्होंने बताया कि एमएसटी बनवाने के लिए यात्री शुक्रवार, शनिवार और रविवार को काउंटर पर आएं। उन्हें एमएसटी बनाकर तुरंत दी जाएगी। एमएसटी बनाने वाले सॉफ्टवेटर में सभी स्टॉपेज के कोड नंबर फीड हैं। वही डालकर इसे बनाया जाता है।
टिकट मशीन पर रखते ही डॉटा फीड
एमएसटी को बस का परिचालक अपनी मशीन पर रखेगा, तो उसकी चिप पूरी कुंडली खोल देगा। अब शातिर दिमाग लोग भी इसका दुरुपयोग नहीं कर सकेंगे। आने वाले दिनों में सातों दिन सेवा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।