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Farrukhabad News: छह गांव जलमग्न, सड़कों पर एक फीट तक भरा पानी

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फर्रुखाबाद। पहाड़ों की बारिश जिले के लोगों को भारी पड़़ने लगी है। दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से छह गांवों और सड़कों पर एक-एक फीट पानी भर गया। इससे लोगों का सड़क मार्ग से संपर्क कट गया है। दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर तेजी से बढ़ने से गंगा खतरा का निशान छूने के आसार हैं। कटरी धर्मपुर में का कब्रिस्तान कटकर ताहिर की डेयरी भी कटने लगी है। इसी तरह पानी में बढ़ोत्तरी हुई, तो चार गांवों का संपर्क टूटने की आशंका ग्रामीणों को सताने लगी है।
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गंगा में पानी छो़ड़ने की मात्रा लगातार बढ़ने से शनिवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया। नरौरा बैराज से सुबह 2,02, 578 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंचने का अनुमान है। इस समय गंगा का जलस्तर 136.55 मीटर से बढ़कर 136.75 मीटर पर पहुंच गया है। सदर तहसील के कटरी धर्मपुर में कटान ने तेजी पकड़ ली है। पूरा कब्रिस्तान गंगा में समा गया। गांव के ताहिर की डेयरी का एक कमरा भी कटने के कगार पर है। परिवार के लोग उसे तोड़ने में लगे हैं। आधे गांव की गलियों में पानी भर गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अमृतपुर संवाददाता के अनुसार गंगा के बाढ़ से गांव जोगराजपुर, रामपुर, सबलपुर, गोटिया , आशा की मड़ैया, सुंदरपुर, कंचनपुर आदि में पानी भर गया। आशा की मढ़ैया को जाने वाला रास्ता भी जलमग्न है। आने-जाने वाले लोग पानी में घुसकर निकल रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर को जाने वाले रास्ते पर एक फीट पानी भरा है। ग्रामीण खाने-पीने के सामान जुटाने में लगे हैं। रामगंगा के जल स्तर में 15 सेमी कम हुआ। जलस्तर 135.90 से घटकर 135.75 मीटर पर पहुंच गया है। खो, हरेली, रामनगर बैराज से रामगंगा में 22,772 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा के किनारे के गांव कोला सोता, अलादपुर भटौली में कटान जारी है। एसडीएम गजराज सिंह व तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव का निरीक्षण किया है।
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कटरी धर्मपुर में सात दिन पहले ट्रांसफार्मर फुंक गया था। बिजली विभाग को इससे अवगत करा दिया गया था। इसके बावजूद अभी तक विभाग ने ट्रांसफार्मर बदलने की जरूरत नहीं समझी। बाढ़ का पानी गांव में भरने से लोगों में दहशत है। ग्रामीणों को बाढ़ की रातें अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है।

गंगा में बाढ़ के हालात दिख रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से हैवतपुर गढि़या गांव से करीब दो किमी दूरी पर बिलावलपुर गांव के पास स्थित सोता नाला की पुलिया के ऊपर पानी आने के लिए टकरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है, उससे देर रात तक डिप के ऊपर से पानी निकलने लगेगा। इससे कटरी जाने वाले लोगों का शहर सड़क संपर्क कट जाएगा।

गंगा में जलस्तर बढ़ने से पांचाल घाट स्थित प्राथमिक विद्यालय में ढाई-ढाई फीट पानी भर गया। इससे छात्र-छात्राओं को मंदिर में बैठकर पढ़ाई कराई जा रही है। शमसाबाद क्षेत्र में सड़़क पर जलभराव के चलते बच्चे नाव से स्कूल जाने को मजबूर हैं।
पांचाल घाट बंधा पर स्थित प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से बच्चे नहीं पहुंच सकते। विद्यालय में 106 बच्चे पंजीकृत हैं। रोजाना करीब 75 बच्चे विद्यालय में पढ़ने आते हैं। एक प्रधानाध्यापिका, तीन शिक्षिकाएं तैनात हैं। प्रधानाध्यापिका मनीषा द्विवेदी ने हनुमान मंदिर के चबूतरे पर शिक्षण कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में हर साल बाढ़ का पानी भरता है। बच्चों के लिए एमडीएम पास के एक कमरे में बनाया जाता है। स्थान कम होने की वजह से दिक्कत है। कहा कि नारायण आश्रम में जगह मिल जाए, तो बच्चों की पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गांव कटरी तौफीक में गंगा का पानी गलियों और घरों में घुस गया। संविलियन विद्यालय के गेट, परिसर और रास्ते भी जलमग्न हैं। गांव से बच्चे नाव में बैठकर पहुंचे। प्रधानाध्यापक राकेश यादव ने बताया कि पंजीकृत 186 बच्चों में 88 आए हैं। गांव में पानी भरने से संख्या कम हो गई है। खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि बाढ़ का पानी भरने वाले स्कूलों की लिस्ट बनवा रहे हैं। जिन स्कूलों में बच्चे नहीं आ सकेंगे, वहां के शिक्षकों को अन्य स्कूल में भेजा जाएगा।
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