फर्रुखाबाद। मोबाइल टावर लगवाने का झांसा देकर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत अन्य लोगाें ने 40 लाख रुपये ठग लिए। टावर न लगने और एडवांस में चेक न मिलने पर पीड़ित ने कोतवाली में छह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला शिवनगर कालोनी निवासी राजेंद्र सिंह कुशवाह ने दी तहरीर में बताया कि 18 सितंबर 2015 को नेशनल टावर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चेन्नई का मोबाइल टावर लगवाने का विज्ञापन पढ़ा था। उसमें दिए नंबर पर उसने फोन किया, तो मोबाइल फोन उठाने वाले ने अपना नाम मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश मित्तल बताया। उसने बताया कि उसकी जमीन पर टावर लगाने पर 80 हजार रुपये महीना किराया मिलेगा।
किराए का एडवांस 90 लाख रुपये पहले ही दे दिया जाएगा। मोबाइल कंपनी परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी भी देगी। टावर लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन का 1100 रुपये के अलावा 19,900 रुपये जमा कराने होंगे। राजेंद्र ने यह रकम बैंक में जमा कर दी। इसके बाद कंपनी किसी न किसी बहाने से रुपये बैंक एकाउंट में जमा कराती रही। आरोप है कि कंपनी ने राजेंद्र से 40 लाख रुपये जमा करा लिए। इसके बाद टावर नहीं लगाया। कि राए की एडवांस चेक भी नहीं भेजी।
कोतवाली प्रभारी रूम सिंह यादव ने नेशनल टावर प्राइवेट लिमिटेट कंपनी चेन्नई के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश मित्तल के अलावा नई दिल्ली के मदनपुर खदर निवासी विनोद कुमार, ग्रेटर नोएडा निवासी अभिनव टंडन, पूर्वी दिल्ली शाहदरा के विश्वास नगर निवासी सपना गुप्ता, उपजिला पटेल नगर निवासी रजत कुमार, जोगेंद्र पाल के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।