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Farrukhabad News: कटरी तौफीक में छह मकान गंगा में बहे, दौली की मड़ैया में कटान तेज

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फर्रुखाबाद/शमसाबाद। गंगा नदी की तेज धार ने कायमगंज तहसील के गांव कटरी तौफीक और सदर तहसील के गांव दौली की मड़ैया में कटान तेज कर दिया है। कटरी तौफीक में रविवार रात से छह ग्रामीणों के मकान गंगा में समा गए, जबकि दौली की मड़ैया के कई मकान कटान की जद में हैं। अधिकांश ग्रामीणों ने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों को पहुंचा दिया है। मकानों को तोड़ने में ग्रामीण लगे हैं।
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सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया का नामोनिशान खत्म हो चुका है। गांव में बचा एक मात्र पीपल का पुराना पेड़ भी रविवार रात गंगा में समा गया। इसी के साथ करीब 200 मीटर दूर बसे दौली की मड़ैया से गंगा की धार सीधी टकरा रही है। अभी तक पांच मकान कट चुके हैं। गांव में कटान तेज होने से कई मकान कटान की जद में हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
गांव के सरवन राजपूत और राम सीनियर ने बताया कि गांव से धारानगरी तक करीब तीन किमी और और बिलावलपुर तक करीब ढाई किमी तक पानी भरा है। मोटरबोट से मकानों को तोड़कर मलबा नहीं ले जा सकते। लिहाजा अब मकानों को तोड़ने से कोई फायदा नहीं है।
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शमसाबाद क्षेत्र के कटरी तौफीक में रविवार शाम कटान की चपेट में आने से जगदीश, टीकाराम, राधेश्याम, दीनदयाल, रामनिवास और जय सिंह के मकान गंगा में समा गए। मकान गिरने की आशंका के बीच ग्रामीण नाव से मकानों के बचे हिस्सों तक पहुंचकर ईंटें निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने में जुटे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी कई लोगों के मकान गंगा में समा चुके हैं। लगातार हो रहे कटान से वे अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं। समैचीपुर गांव में भी गंगा का कटान तेज है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है।
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