गंगा किनारे घटनास्थल का निरीक्षण कर लोगों से पूछताछ करते तहसीलदार शेखआलमगीर।
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जानवर चराने गए भाई-बहन गंगा में डूब गए। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर छानबीन की। कुबेरपुर गांव से करीब डेढ़ किमी दूर गंगा नदी बहती है। गुरुवार को कुबेरपुर निवासी तरुण कुमार क ा पुत्र अमित कुमार (14) व पुत्री सीता (12) अपनी बुआ की बेटी कुंती के साथ गाय चराने गंगा कटरी में गई थी।
तरुण ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे सीता को प्यास लगी। इस पर वह पानी पीने के लिए गंगा किनारे पहुंची। पानी पीने के दौरान उसका पैर फिसल गया। इससे वह गंगा में डूबने लगी। यह देख उसे बचाने के लिए अमित भी गंगा में कूद गया। इससे वह भी गहरे पानी में चला गया। दोनों को डूबता देख कुंती चीखते हुए गांव की ओर दौड़ी।
घटना की जानकारी पर ट्रैक्टर में भरकर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। खोजबीन शुरू की तो करीब एक बजे भाई व बहन को बाहर निकाला जा सका। आनन फानन में परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर पहुंचे। यहां डॉ. मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी ने चेकअप के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो बच्चों की मौत की खबर से मां सावित्री देवी रोकर बदहवास हो गई। परिवार में अब केवल पांच वर्षीय बेटा सुमित बचा है।
सूचना पर तहसीलदार शेखआलमगीर, राजस्व निरीक्षक मानवेंद्र सिंह, लेखपाल विकास दीक्षित, राम सिंह व सतेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। दरोगा सीएल दिवाकर ने भी घटनास्थल पर जाकर पंचायतनामा भरा।
पोस्टमार्टम न कराने के लिए लिखकर देने पर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। तहसीलदार का कहना है कि पीड़ित परिवार की मदद के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जूनियर हाईस्कूल कुबेरपुर में अमित कक्षा आठ व सीता कक्षा छह में पढ़ती थी।