कायमगंज क्षेत्र के गांव में उस समय हृदय विदारक दृश्य उत्पन्न हो गया जब
भतीजी की डोली के साथ किसान की अर्थी उठ गई। मरने वाला किसान अपने मात्र एक
बीघा खेत में हुई गेहूं की फसल बर्बाद होने से टूट गया था। ऊपर से बेटे की
शादी की चिंता भी सता रही थी।
गांव मुडौल निवासी विश्राम सिंह की
पुत्री सुमन की गुरुवार रात शहर के कनपटियापुर से बारात आई थी। शुक्रवार की
सुबह विदाई के बाद विश्राम सिंह के भाई नंदलाल की तबीयत खराब हो गई। आनन
फानन में परिजन नंदराम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। डाक्टर ने
नंदलाल को मृत घोषित कर दिया। शादी वाले घर में मातम छा गया। विश्राम सिंह
ने बताया कि नंदलाल के बेटे नीरज की दो मई को शादी होना है। भाई ने एक बीघा
खेत में गेहूं की फसल की थी। पिछले दिनों
बरसात से फसल बर्बाद हो गई। फसल
बर्बाद होने और पुत्र की शादी के खर्चे को लेकर भाई परेशान रहता था। इसी
सदमे के कारण मौत हो गई है। भाई के चार बेटे और तीन पुत्रियां हैं और उनके
भरण पोषण के लिए उसके पास मात्र एक बीघा खेत है। घटना की जानकारी
क्षेत्रीय लेखपाल को दी गई है।
फसल बर्बादी ने ली एक और जान
मोहम्मदाबाद। खेत में कटती फसल की हालत देख घर लौटे किसान ने सदमे में दम तोड़ दिया। मृतक के पुत्र ने लेखपाल से संपर्क किया। लेखपाल ने पहले फोन उठाया और बात करने के बाद बंद कर लिया। गांव कान्हेपुर निवासी रामस्वरूप (65) ने 12 बीघा खेत में गेहूं किया था। बरसात के बाद धूप निकलने के बाद कटान शुरू कराया। गुरुवार की देर शाम वह
फसल देखने गया और लौटकर गुमसुम हो गया। रात में उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह मृतक के पुत्र विनोद ने लेखपाल को जानकारी देने के लिए मोबाइल से संपर्क किया। क्षेत्रीय लेखपाल ने बात करने के बाद मोबाइल बंद कर दिया।
लेखपाल ने गांव में जाकर मृतक की माली हालत देखना तक मुनसिब नहीं समझा। शुक्रवार शाम तक परिजन शव को गांव में रखे रहे। इसकी जानकारी तहसील के अधिकारियों को दी गई। पुत्र विनोद ने बताया कि फसल खराब हो गई है। इस सदमे में पिता की मौत हो गई है। इसकी जानकारी तहसील के अफसरों को दी गई। लेकिन कोई गांव में नहीं आया।