श्री मधु रामलीला मंडल के तत्वावधान में गाजे बाजे के साथ भगवान शिव की बारात निकली। बारात में भगवान शंकर के गणों का रूप धरे बाराती बैंड बाजों की धुन पर थिरकते हुए चल रहे थे।शिव बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए शिव बारात मऊदरवाजा स्थित लीला स्थल पर पहुंची, यहां शंकर-पार्वती का विवाह हुआ।
रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद क्रासिंग से गुरुवार की शाम शिव बारात शुरू हुई। शिव बारात में सबसे आगे भगवान गणेश की झांकी, इसके पीछे ब्रह्मा, विष्णु, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, हनुमान जी, राम दरबार आदि की झांकियां शामिल थीं। बारात में काली का अखाड़ा आकर्षण का केंद्र रहा।
बारात में भगवान शंकर के गण और भूत पिशाच का रूप धरे बारातियों की अद्भुत छटा देखते ही बन रही थी। शिव बारात देखने के लिए मुख्यमार्गों के किनारे चबूतरों, दुकानों और छतों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र थे।
शिव बारात रेलवे रोड, त्रिपोलिया चौक, पक्कापुल, तिकोना, बीबीगंज से होती हुई श्री मधु रामलीला मंडल मऊदरवाजा के लीला स्थल पर पहुंची। यहां शंकर और पार्वती का विवाह कराया गया।
इस दौरान श्री मधु रामलीला मंडल के अध्यक्ष मनमोहन मिश्र, संरक्षक अनिल त्रिपाठी, मुख्य व्यवस्थापक कुंवर सिंह शाक्य, सह व्यवस्थापक आनंद मौर्य के अलावा नारायन वर्मा, राजकिशोर वर्मा, सुभाषचंद्र, प्रेमप्रकाश शाक्य, सौरभ शाक्य, विनोद कुमार मिश्र, अनिल कुमार व अजीत वर्मा आदि मौजूद रहे।