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शिक्षामित्रों ने मांगी इच्छा मृत्यु

Tue, 15 Sep 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात 1700 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगी है। इन्होंने मंगलवार को कलेेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह को सौंपा।  कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान एक महिला शिक्षामित्र बेहोश कर गिर पड़ी। प्रशासन ने आनन फानन में एंबुलेंस मंगवाई और उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती
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कराया। बवाल की आशंका पर बीएसए कार्यालय के बाहर फोर्स तैनात रहा। शिक्षक पदों पर समायोजन हाईकोर्ट से रद्द किए पर शिक्षामित्रों का दूसरे दिन भी आंदोलन जारी रहा। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय, ऋषीपाल यादव के नेतृत्व में विद्यालय छोड़कर शिक्षामित्र मंगलवार सुबह 10 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां से कलेक्ट्रेट जाकर

डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। यह शाम तक प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। गर्मी के कारण प्रदर्शन में शामिल शिक्षामित्र सुधा पत्नी हरमोहन यादव निवासी टिलिया मोहम्मदाबाद गश खाकर जमीन पर गिर पड़ीं। इस पर एंबुलेंस मंगाई गई। बेहोश शिक्षामित्र को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम को नगर मजिस्ट्रेट बीडी वर्मा, सीओ सिटी
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योगेश कुमार पुलिस बल के साथ कलेक्ट्रेट में ज्ञापन लेने पहुंचे। शिक्षामित्रों ने इन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। यह जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करने लगे। इस पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा। इसमें कहा गया कि समायोजन रद्द होने से

शिक्षामित्र आहत हुए हैं। इस कारण प्राण त्यागने लगे हैं। जीवन के 14 साल शिक्षण में लगा दिए हैं। अब जब शिक्षक बने तो शिक्षक पद पर रहकर पढ़ाने लायक नहीं रह गए। इसलिए जिले के 1700 शिक्षामित्र इच्छा मृत्यु की मांग करते हैं।

अध्यक्ष ऋषीपाल यादव ने कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करेंगे। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर दिल्ली में धरना प्रदर्शन को शिक्षामित्र जिले से रवाना होंगे। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है।

शिक्षामित्रों के हवाले चल रहे सौ स्कूल बंद
आंदोलन के कारण शिक्षक विहीन और शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे एक सैकड़ा से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए हैं। जिले में एक सैकड़ा से अधिक प्राथमिक विद्यालय शिक्षामित्रों के हवाले है। यहां शिक्षामित्र के अलावा  अन्य किसी शिक्षक की तैनाती नहीं है। समायोजन रद्द किए जाने के बाद शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन का बिगुल फूंक

दिया है। इनके न आने से विद्यालय बंद हो गए हैं। बढ़पुर ब्लाक सिरमौरा तराई, करनपुर, खैराबाद समेत पांच विद्यालय शिक्षामित्रों के न जाने के कारण बंद हो गए हैं। यही हाल अन्य विकास खंडों के स्कूलों का है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के करनपुरदत्त प्रथम, मोकुलपुर, कुतलुपुर, तौफीक की मढ़ैया, नयागांव, किराचन,  माखन नगला, सबलपुर, जोगराजपुर,

विजपुरिया समेत 24 विद्यालय, नवाबगंज विकास  खंड क्षेत्र के 30 विद्यालय, मोहम्मदाबाद क्षेत्र के नगला जब्ब, आसनपुर,  जाजपुर बंजारा, नगला दुबे, मदनापुर, नगला पंचम, तकीपुर, रामनगरटसमेत 20  विद्यालय, शमसाबाद विकास खंड क्षेत्र के

30 स्कूल, कमालगंज ब्लाक क्षेत्र  के 20 स्कूल शिक्षामित्रों के हवाले हैं। इनमें शिक्षकों की  तैनाती नहीं है। शिक्षामित्रों के आंदोलन के कारण यह स्कूल बंद हो  गए।

विद्यालय जाएंगे पर नहीं करेंगे काम
शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय और ऋषीपाल सिंह यादव ने  बताया कि आंदोलन के तहत शिक्षामित्र बुधवार को स्कूलों में जाएंगे। वह काली  पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य का बहिष्कार करेंगे। पूरे समय विद्यालय में  ठहरने के बावजूद शिक्षण कार्य नहीं कराएंगे।

शिक्षामित्रों ने कराए विद्यालय बंद
शिक्षण कार्य का विरोध कर रहे शिक्षामित्रों ने तीन विद्यालयों को बंद करा  दिया। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय लभेड़ा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय  विरसिंहपुर में मंगलवार की सुबह शिक्षामित्र पहुंचे और बच्चों की छुट्टी कर  दी। विद्यालय बंद करा दिया।
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