फर्रुखाबाद। हत्या के पांच वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह-प्रथम की अदालत ने शीलू यादव को हत्या एवं एससी/एसटी एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया। जबकि हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद होने के मामले में उसे आयुध अधिनियम के तहत दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला रकाबगंज निवासी शारदा देवी ने 27 सितंबर 2021 को तहरीर देकर बताया था कि उनका पुत्र शिवा उधारी के रुपये लेने गया था। लौटते समय चुंगी के पास उस पर फायरिंग कर दी गई। इससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में अनिल यादव, शीलू यादव, प्रवीण उर्फ नन्हें यादव समेत कई लोगों को नामजद किया गया था।
अदालत ने गवाहों के बयान और साक्ष्याें के आधार पर हत्या व एससी/एसटी एक्ट के आरोपों से शीलू यादव को बरी कर दिया। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान शीलू यादव की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए थे। अदालत ने इस बरामदगी को प्रमाणित मानते हुए उसे दोषी करार दिया।