फर्रुखाबाद। पुलिस मुठभेड़ में दोषी को एडीजे विष्णु चंद्र वैश्य की कोर्ट ने सात वर्ष के सश्रम कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी को सात हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
तत्कालीन एसओजी प्रभारी महेंद्र नाथ त्रिपाठी व राजेपुर थाने के दरोगा देवी प्रसाद गौतम ने 2 सितंबर 2016 को राजेपुर से अमृतपुर जाने वाले मार्ग पर दबिश मारी। पुलिस को देखकर जनपद बुलंदशहर थाना पहासू मोहल्ला भूपनगर नई बस्ती निवासी रूपेंद्र उर्फ पैना व उसके दो साथियों ने फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग कर रूपेंद्र उर्फ पैना सहित उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर दिया। पुलिस ने रूपेंद्र सहित तीनों के खिलाफ मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। दो आरोपियों की फाइल पृथक कर दी गई।
शनिवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे अदालत ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर रूपेंद्र उर्फ पैना को मुठभेड़ में दोषी करार देकर सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने दोषी को सात हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।