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सजायाफ्ता कैदी ने बैरक में लगाई फांसी

Wed, 15 Jun 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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मृतक कैदी के परिजनों को समझाते एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह व सीओ सिटी लेखराज सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता कैदी ने बुधवार सुबह सीलिंग फैन से फंदा लगा जान दे दी।  सूचना पर पहुंचे कैदी के परिजनों ने हत्या का आरोप लगा हंगामा किया। आनन-फानन में सिटी मजिस्ट्रेट व अन्य अफसर जेल पहंचे। जांच कराने का भरोसा देकर हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया।
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जिला एटा थाना जैथरा के गांव बसोलिया निवासी ओमेंद्र सिंह चौहान (40) को 2001 में हत्या के मामले में सजा हुई थी। इसके बाद वहां से उसे 20 जनवरी 2002 में सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वह बैरक संख्या दो में बंद था।

इस बैरक में 123 कैदी हैं। बुधवार सुबह करीब छह बजे बैरक में लगे सीलिंग पंखे से लुंगी का फंदा बना गले में डालकर आत्महत्या कर ली। जानकारी होने जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई।
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एएसपी अशोक कुमार, एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह, फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी रजनीश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने बैरक में जाकर कैदियों से घटना के बारे में जानकारी ली। जेल प्रशासन ने इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दी।

ओमेंद्र के पिता रामविलास, भाई राजू चौहान, मुकेश सिंह, सतेंद्र कुमार समेत परिवार के अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।  यहां हत्या का आरोप लगा हंगामा किया। मृतक के पिता ने बताया कि वह 20 दिन पहले बेटे से मिलने आए थे।

वह कुछ ही देर बेटे से मुलाकात कर पाए उसी समय सिपाही ने हटा दिया था। पिता ने आरोप लगाया कि बेटे ने बताया था कि उसे जेल के कर्मचारी परेशान कर रहे हैं। दरोगा एएच जैदी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

इधर, जांच-पड़ताल करने के बाद एसडीएम सदर ने बताया कि सुबह 5 बजे बैरक से कैदी बाहर आ गए थे। इस बीच मौका पाकर ओमेंद्र सिंह बैरक में लौट गया और उसने सीलिंग फैन से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्हाेंने बताया कि कैदी ने मंगलवार को शतरंज खेला था।

सुबह चाय भी पी थी। हालांकि एसडीएम ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। वहीं, जेल अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता किया जा रहा है।

सजायाफ्ता कैदी ओमेंद्र सिंह चौहान का पोस्टमार्टम डॉ. सुमित और डॉ. प्रदीप कुमार के पैनल ने किया। इसके बाद शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इसी दौरान पोस्टमार्टम हाउस मेें दो पुलिसकर्मी बाइक से आए और मृतक के पिता रामविलास से कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा।

पिता व परिवार के अन्य लोगों ने कागज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसको लेकर पुलिसकर्मी और परिवार के लोगों में नोकझोंक होने लगी। मृतक कैदी के परिजनों का गुस्सा देखकर दोनों सिपाही चले गए। इसके बाद परिजन शव लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे।

इसकी जानकारी मिलने पर नगर मजिस्ट्रेट शिव बहादुर सिंह, एसडीएम सदर सुरेंद्र कुमार सिंह, सीओ सिटी लेखराज और फतेहगढ़ कोतवाल रजनीश सिंह चौहान पुलिस बल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे।

परिजनों ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें घटना की कोई सूचना नहीं दी गई। फतेहगढ़ में रहने वाले रिश्तेदार से जानकारी मिलने पर वह जेल गए। वहां पता चला शव पोस्टमार्टम हाउस चला गया।

जेल प्रशासन ने परिवार के सदस्य को बुलाए बगैर पोस्टमार्टम भी करा दिया। पिता रामविलास ने पुत्र की जेल में हत्या किए जाने का आरोप लगाया। एसडीएम सदर ने कहा कि कैदी के मरने पर न्यायिक जांच होती है। जांच में वह अपने बयान दर्ज करा सकते हैं। शव को घर तक पहुंचाने के लिए सीओ ने पुलिस बल साथ भेजा। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कैदी के शरीर पर कोई चोट नहीं मिली है।
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