फर्रुखाबाद। बिजली विभाग के भी खेल निराले हैं। पहले तो उपभोक्ता के यहां हजारों का बकाया बिल भेजा जाता है।
उसके बाद दलालों के माध्यम से बिजली विभाग के कर्मचारी व बाबू उपभोक्ता से सौदा करते हैं। अगर कोई तेज तर्रार उपभोक्ता होता है तो उसका बिल तुरंत ही ठीक कर दिया जाता है।
जब ऐसे मामलों की पड़ताल की गई तो दो ऐसे उपभोक्ता मिले, जिनके बिल अधिक भेज दिए गए। एक उपभोक्ता का बिल 43,970 रुपये भेज दिया गया, जिसे शिकायत पर महज 1,982 का कर दिया गया। बिजली विभाग में अगर गहनता से जांच की जाए तो बिजली बिल में गड़बड़ी के कई मामले पकड़ में आएंगे। विभागीय अधिकारी भी इस ओर चुप्पी साधे बैठे हैं।
केस-एक - गांव कुइंयाबूट निवासी मधुबाला देवी बताती हैं कि गांव में उनके दो मकान हैं, जिनमें बिजली के अलग-अलग कनेक्शन हैं। एक मकान ज्यादातर बंद ही रहता है, जिसका हर महीने 250 से 350 रुपये बिजली का बिल आता था। जून 2023 में उन्होंने बंद पड़े मकान का 300 रुपये बिजली बिल जमा किया था। नवंबर माह में बंद पड़े मकान का चार माह का बिल 43,970 रुपये भेज दिया गया। बिजली कार्यालय भोलेपुर जाकर शिकायत की तो बिल 1,982 रुपये कर दिया गया, जिसे जमा करवा दिया गया है।
केस-दो - आल्हानगर बढ़पुर निवासी शिवभक्त गुप्ता ने बताया कि घर में ही वह आटा चक्की का काम करते हैं। आटा चक्की का कमर्शियल व घर का घरेलू कनेक्शन है। अभी तक घरेलू कनेक्शन का बिल 600 से 800 रुपये आ रहा था। नवंबर में उनके यहां दो माह के घरेलू कनेक्शन का बकाया बिल करीब छह हजार से ज्यादा का भेज दिया गया। उन्होंने भोलेपुर बिजली केंद्र में जाकर मामले की शिकायत की, जिस पर बिल ठीक करने का आश्वासन दिया गया है।
गलत बिजली बिल की शिकायतें कम ही आती हैं। फिर भी बिजली बिल बनाने वाले कर्मचारियों को हिदायत देंगे कि उपभोक्ताओं के सही से बिल बनाएं। फिर भी अगर सुधार नहीं होगा तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -बृजभान सिंह, अधिशासी अभियंता शहरी क्षेत्र