फर्रुखाबाद। राजेपुर ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गूजरपुर पमारान में पांच अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने के मामले में जिला विकास अधिकारी ने सचिव को निलंबित कर दिया है। बीडीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
ब्लाॅक राजेपुर की ग्राम पंचायत गूजरपुर पमारान में अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देकर जरूरतमंदों को वंचित करने की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से की गई थी। डीएम ने जांच कराकर बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। कार्रवाई होते देख बीडीओ कौशल कुमार गुुप्ता ने स्वयं गांव जाकर जांच की और अपात्रों को आवास आवंटित करने में सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीडीओ को रिपोर्ट भेजी थी।
जिला विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार पाठक ने सचिव ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप दीक्षित को अपात्र लाभार्थी सुमन पत्नी सियाराम, कांती पत्नी संतराम, अनीता पत्नी श्यामवीर उर्फ रामवीर, निधि देवी पत्नी रामसनेही व शीशराम को आवास देने में निलंबित कर दिया। उन्हें राजेपुर ब्लाॅक कार्यालय से संबद्ध किया है। बीडीओ कमालगंज को जांच अधिकारी नामित कर सचिव के खिलाफ 15 दिन में आरोप पत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
विदित है कि क्षेत्र की 81 ग्राम पंचायतों में 2046 प्रधानमंत्री आवासों की पहली किस्त लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है। पीडी के आदेश के बावजूद बीडीओ ने आवासों का सत्यापन कर रिपोर्ट नहीं भेजी। जबकि सचिव की रिपोर्ट पर बीडीओ की ओर से लाभार्थियों के खातों में आवास की धनराशि हस्तांतरित की जाती है।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवासों के आवंटन में जमकर धांधली की गई है। यदि आवासों की सही जांच हो जाए तो 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी अपात्र पाए जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि बीडीओ कौशल कुमार गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। अपात्र लाभार्थियों से आवास की धनराशि वसूली जाएगी।