गंगा में डूबे युवको को ढूंढती एसडीआरएफ की टीम।
- फोटो : गंगा में डूबे युवको को ढूंढती एसडीआरएफ की टीम।
फर्रुखाबाद। गंगा नहाते समय तेज बहाव में समाए चचेरे भाइयों का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लगा है। एसडीआरएफ ने 10 किमी दूर तक गंगा को खंगाला, लेकिन नाकामी ही हाथ लगी। परिजनों ने शनिवार को गोताखोर न उतारने का आरोप लगाया। दोनों भाई गहरे पानी में समाकर ऊपर से बालू हो जाने की आशंका जताई जा रही है।
जहानगंज थाने के गांव चौकी महमदपुर निवासी अशोक कुमार कुशवाहा का पुत्र विवेक कुमार (18) और चचेरा भाई मोहित कुमार गुरुवार को पांचाल घाट पर गंगा पुल के नीचे नहाते समय तेज बहाव में लापता हो गए थे। शुक्रवार दोपहर बाद से इटावा से बुलाई एसडीआरएफ की 14 सदस्यीय टीम दोनों भाइयों का पता लगाने के लिए प्रयास कर रही है।
शनिवार को टीम के सदस्य मोटर बोट से बहाव की ओर करीब 10 किमी दूर तक गंगा में खोजबीन करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। विवेक के पिता अशोक कुमार और मोहित के पिता संतराम समेत अन्य परिजन गोताखोरों से दुर्घटना स्थल पर ही खोजबीन कराने की बात कहते रहे, लेकिन गोताखोर नहीं उतारे गए।
संतराम ने बताया कि बहाव भले ही तेज है, मगर यदि बह जाते, तो अभी तक किसी न किसी मोड़ पर हर हाल में किनारे होते। विवेक के पिता अशोक कुमार का कहना है कि गोताखोर डुबकी लगाकर दुर्घटनास्थल पर गहराई में पता लगा सकते हैं। गोताखोरों को उतारना चाहिए था। शाम तक एसडीआरएफ की टीम गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाती रही। गंगा किनारे दोनों भाइयों के परिजनों में धनन्जय, बड़े लला, चंदन, रमेश चंद्र आदि मोटर वोटों पर टकटकी लगाए रहे, लेकिन हर कोशिश नाकाम रही। घरों में परिजन बेहाल हैं।