फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में एसडीएम सदर और एसीएमओ ने गुरुवार शाम छापा मारा। उन्होंने जनरेटर सेक्शन की बारीकी से जांच की। इलेक्ट्रीशियन की लॉगबुक देखी, तो मिलान करने पर करीब 250 लीटर डीजल का खेल मिला। हालांकि 40 लीटर डीजल मौके पर रखा था। 26 मई से लॉगबुक न भरने पर जेल भेजने की चेतावनी दी।
लोहिया अस्पताल में बिजली जाने के बाद जनरेटर न चलने से डॉक्टर आए दिन अंधेरे में इलाज कर रहे थे। इससे मरीजों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। एक्सरे और सीटी स्कैन यूनिट भी प्रभावित थी। इस मामले का प्रदेश स्तर पर संज्ञान लिया गया।
उच्चाधिकारियों की सख्ती के बाद गुरुवार शाम करीब चार बजे एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय, एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव अचानक अस्पताल पहुंचे। कुछ देर इमरजेंसी में रुकने के बाद सीधे जनरेटर रूम पहुंच गए।
वहां इलेक्ट्रीशियन पवन तिवारी को लॉगबुक के साथ तलब किया। अफसरों को 125-125 केवीए के दो और 65 केवीए का एक जनरेटर मिला। मौके पर 40 लीटर डीजल रखा था। एसडीएम ने दोनों लॉगबुक की जांच की, तो उसमें करीब 250 लीटर डीजल का खेल पकड़ में आया। अफसरों ने दोनों लॉगबुकों और डीजल की पर्चियों की फोटो खींच ली।
एसडीएम को 26 मई से लॉगबुक खाली मिली। इस पर कहा कि तीन दिन से जनरेटर नहीं चला। इलेक्ट्रीशियन पवन तिवारी ने रोजाना चलने का जवाब दिया। इस पर एसडीएम ने कहा कि लॉग बुक न भरना गंभीर अपराध है। इसमें जेल भेज दिए जाओगे। एसडीएम ने अस्पताल में लोड की जानकारी ली, तो सही जवाब नहीं मिला। जनरेटर न चलने का कारण पूछा, तो सीएमएस के निर्देश मिलने के बाद ही चलाने की बात कही।
एसडीएम सदर रजनीकांत ने बताया कि डीएम के आदेश पर लोहिया अस्पताल का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान जो भी तथ्य जुटाए गए हैं। उनकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी।